18 अगस्त 2026
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योगी आदित्यनाथ का सख्त आदेश: भूमि विवादों में लापरवाही पर लेखपाल से तहसीलदार तक होंगे सस्पेंड

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योगी आदित्यनाथ का सख्त आदेश: भूमि विवादों में लापरवाही पर लेखपाल से तहसीलदार तक होंगे सस्पेंड

सारांश

गोरखपुर जनता दर्शन में एक महिला की शिकायत ने योगी आदित्यनाथ को वह आदेश देने पर मजबूर किया जो राजस्व तंत्र को हिला सकता है — भूमि विवाद में रास्ता न दिलाने पर लेखपाल से तहसीलदार तक सीधे सस्पेंड। संदेश साफ है: दबंगई अब 'चाहे जहाँ शिकायत करो' की आड़ में नहीं चलेगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अगस्त 2026 को गोरखपुर जनता दर्शन में भूमि प्रकरणों में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक महिला की शिकायत पर सीएम ने आदेश दिया — रास्ता न दिलाने पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार सभी को निलंबित किया जाए।
भूमि संबंधी किसी भी मामले में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिलने पर निलंबन की कार्रवाई तत्काल होगी।
जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मिले सीएम; कई फरियादियों ने राजस्व कर्मियों की उदासीनता की शिकायत की।
पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने और जरूरत पर विवेकाधीन कोष से मदद का भी निर्देश दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अगस्त 2026 को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान भूमि संबंधी प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। एक महिला की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि रास्ता न दिलाने पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार — सभी को निलंबित किया जाए।

महिला की शिकायत पर भड़के सीएम

जनता दर्शन में एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि दबंग उसे रास्ता नहीं दे रहे और धमकी दे रहे हैं कि 'चाहे जहाँ शिकायत कर लो।' इस पर योगी आदित्यनाथ ने तत्काल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला को उसका अधिकार दिलाया जाए। उन्होंने कहा, 'रास्ता न दिलाने पर लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो।'

यह प्रकरण अकेला नहीं था — जनता दर्शन में कई अन्य फरियादियों ने भी जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की उदासीनता की शिकायत की, जिस पर सीएम ने संबंधित जिलाधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

भूमि प्रकरणों में शिथिलता पर ज़ीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिलने पर संबंधित कार्मिक या अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रकरण की गंभीरता के अनुसार दंड तय होगा और किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही 'कतई क्षम्य नहीं है।'

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भूमि विवाद राजस्व तंत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहे हैं। योगी सरकार पहले भी राजस्व कर्मियों पर सख्ती के निर्देश दे चुकी है, लेकिन इस बार सीएम ने सार्वजनिक मंच पर नामवार पदों का उल्लेख कर संदेश और तीखा किया।

जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मिले योगी

महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से सीधे मुलाकात की। उन्होंने फरियादियों के प्रार्थना पत्र अपने हाथ में लेकर उनका अवलोकन किया और समस्याओं का संज्ञान लिया। लोगों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और हर पीड़ित की समस्या का निस्तारण प्रतिबद्धता के साथ कराया जाएगा।

आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा का भी आश्वासन

जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता माँगने वाले लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए। यदि कार्ड के बाद भी आवश्यकता पड़े तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

आगे क्या होगा

सीएम के निर्देशों के बाद संबंधित जिलों के अधिकारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सार्वजनिक मंच पर दिए गए इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से पालन होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह निर्देश केवल उस दिन के लिए था या इसका व्यवस्थित अनुपालन सुनिश्चित होगा। उत्तर प्रदेश में भूमि विवाद और राजस्व तंत्र की उदासीनता कोई नई समस्या नहीं — पिछले कई वर्षों में ऐसे निर्देश बार-बार आए हैं, फिर भी जनता दर्शन में शिकायतें कम नहीं हुईं। सार्वजनिक मंच पर 'लेखपाल से तहसीलदार तक सस्पेंड करो' जैसा बयान राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, पर जब तक शिकायत निस्तारण की स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था नहीं बनती, यह चक्र टूटना मुश्किल है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में क्या आदेश दिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अगस्त 2026 को गोरखपुर जनता दर्शन में आदेश दिया कि भूमि संबंधी मामलों में रास्ता न दिलाने पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार सभी को निलंबित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई क्षम्य नहीं है।
किस महिला की शिकायत पर सीएम ने यह कदम उठाया?
जनता दर्शन में एक महिला ने शिकायत की कि दबंग उसे रास्ता नहीं दे रहे और धमकी दे रहे हैं कि 'चाहे जहाँ शिकायत कर लो।' इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को महिला को रास्ता दिलाने और संबंधित राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में भूमि विवादों में लापरवाही पर क्या कार्रवाई होगी?
सीएम योगी के निर्देशानुसार भूमि संबंधी मामलों में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिलने पर संबंधित कार्मिक या अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की गंभीरता के अनुसार दंड तय होगा।
जनता दर्शन में आयुष्मान कार्ड को लेकर क्या घोषणा हुई?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। यदि कार्ड के बाद भी आवश्यकता पड़े तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
गोरखपुर जनता दर्शन में कितने लोग शामिल हुए?
18 अगस्त 2026 को गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएँ सुनीं।
राष्ट्र प्रेस
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