योगी आदित्यनाथ का सख्त आदेश: भूमि विवादों में लापरवाही पर लेखपाल से तहसीलदार तक होंगे सस्पेंड
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अगस्त 2026 को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान भूमि संबंधी प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। एक महिला की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि रास्ता न दिलाने पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार — सभी को निलंबित किया जाए।
महिला की शिकायत पर भड़के सीएम
जनता दर्शन में एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि दबंग उसे रास्ता नहीं दे रहे और धमकी दे रहे हैं कि 'चाहे जहाँ शिकायत कर लो।' इस पर योगी आदित्यनाथ ने तत्काल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला को उसका अधिकार दिलाया जाए। उन्होंने कहा, 'रास्ता न दिलाने पर लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो।'
यह प्रकरण अकेला नहीं था — जनता दर्शन में कई अन्य फरियादियों ने भी जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की उदासीनता की शिकायत की, जिस पर सीएम ने संबंधित जिलाधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि प्रकरणों में शिथिलता पर ज़ीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिलने पर संबंधित कार्मिक या अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रकरण की गंभीरता के अनुसार दंड तय होगा और किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही 'कतई क्षम्य नहीं है।'
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भूमि विवाद राजस्व तंत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहे हैं। योगी सरकार पहले भी राजस्व कर्मियों पर सख्ती के निर्देश दे चुकी है, लेकिन इस बार सीएम ने सार्वजनिक मंच पर नामवार पदों का उल्लेख कर संदेश और तीखा किया।
जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मिले योगी
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से सीधे मुलाकात की। उन्होंने फरियादियों के प्रार्थना पत्र अपने हाथ में लेकर उनका अवलोकन किया और समस्याओं का संज्ञान लिया। लोगों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और हर पीड़ित की समस्या का निस्तारण प्रतिबद्धता के साथ कराया जाएगा।
आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा का भी आश्वासन
जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता माँगने वाले लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए। यदि कार्ड के बाद भी आवश्यकता पड़े तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आगे क्या होगा
सीएम के निर्देशों के बाद संबंधित जिलों के अधिकारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सार्वजनिक मंच पर दिए गए इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से पालन होता है।