ओडिशा विजिलेंस ने ₹1 लाख रिश्वत लेते पकड़ी फुलनाखारा की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा विजिलेंस ने 29 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के सिटी फॉरेस्ट डिवीजन के अंतर्गत फुलनाखारा रेंज की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा को ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि बेहरा ने तीन वृक्षारोपण स्थलों के रखरखाव से जुड़े बिल पास करने के बदले एक वन कर्मचारी से यह रकम माँगी थी।
क्या था मामला
विजिलेंस के आधिकारिक बयान के अनुसार, मौसमी बेहरा ने जुलाई से सितंबर 2026 के बीच तीन वृक्षारोपण स्थलों पर किए गए रखरखाव कार्यों — जिसमें देखरेख, पानी देना और खाद डालना शामिल है — के बिल पास करने के बदले एक कर्मचारी से ₹1 लाख रिश्वत की माँग की। बेहरा ने यह भी धमकी दी कि अगर रकम नहीं दी गई तो आने वाले महीनों के बिल भी रोक दिए जाएँगे।
इस माँग से परेशान होकर और रकम देने में असमर्थ होने के कारण कर्मचारी ने ओडिशा विजिलेंस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मुख्य घटनाक्रम
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और गुरुवार को उस समय बेहरा को पकड़ लिया जब वह शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रकम स्वीकार कर रही थी। रिश्वत की पूरी राशि उनके पास से बरामद कर जब्त कर ली गई।
इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने बेहरा से जुड़े दो स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान भी शुरू किया, ताकि यह जाँचा जा सके कि उनके पास ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति तो नहीं है।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में 28 अक्टूबर 2026 को विजिलेंस सेल पुलिस स्टेशन में बेहरा के खिलाफ 'भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018' की धारा 7 के तहत मामला संख्या 9/26 दर्ज किया गया है। विजिलेंस के अनुसार, मामले की आगे की जाँच जारी है।
ओडिशा वन विभाग में भ्रष्टाचार का पैटर्न
गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी ओडिशा वन विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के हालिया मामलों की श्रृंखला में एक और कड़ी है। इसी रविवार को ओडिशा विजिलेंस ने वन विभाग के एक वरिष्ठ क्लर्क को ₹2.60 करोड़ से अधिक की सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी पर 2023 से 'मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन' (MACP) और 'रिवाइज्ड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन' (RACP) योजनाओं के तहत फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने का आरोप है।
इसी तरह, 18 अक्टूबर को विजिलेंस ने ढेंकनाल जिले में वन विभाग के एक वरिष्ठ क्लर्क और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। उन पर 2016 से 2026 के बीच ₹65,90,773 की सरकारी धनराशि के गबन का आरोप है।
आगे क्या होगा
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बेहरा के खिलाफ संपत्ति जाँच और मामले की विस्तृत जाँच जारी है। ओडिशा वन विभाग में एक माह से भी कम समय में तीन बड़ी गिरफ्तारियाँ यह संकेत देती हैं कि राज्य विजिलेंस अब विभाग में व्यापक स्तर पर जाँच की दिशा में आगे बढ़ रहा है।