29 अक्टूबर 2026
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ओडिशा विजिलेंस ने ₹1 लाख रिश्वत लेते पकड़ी फुलनाखारा की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा

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ओडिशा विजिलेंस ने ₹1 लाख रिश्वत लेते पकड़ी फुलनाखारा की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा

सारांश

ओडिशा वन विभाग में भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का शिकंजा कसता जा रहा है — अक्टूबर में यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है। इस बार फुलनाखारा की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा वृक्षारोपण बिल पास करने के बदले ₹1 लाख रिश्वत लेते पकड़ी गईं।

मुख्य बातें

ओडिशा विजिलेंस ने 29 अक्टूबर 2026 को फुलनाखारा की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा को ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
बेहरा ने जुलाई-सितंबर 2026 के वृक्षारोपण रखरखाव बिल पास करने के बदले रिश्वत माँगी थी और भविष्य के बिल रोकने की धमकी दी थी।
'भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018' की धारा 7 के तहत मामला संख्या 9/26 दर्ज; संपत्ति जाँच जारी।
इसी सप्ताह वन विभाग के एक वरिष्ठ क्लर्क को ₹2.60 करोड़ गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
18 अक्टूबर को ढेंकनाल में वन विभाग के तीन कर्मचारियों पर ₹65,90,773 के गबन का मामला दर्ज हुआ था।

ओडिशा विजिलेंस ने 29 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के सिटी फॉरेस्ट डिवीजन के अंतर्गत फुलनाखारा रेंज की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा को ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि बेहरा ने तीन वृक्षारोपण स्थलों के रखरखाव से जुड़े बिल पास करने के बदले एक वन कर्मचारी से यह रकम माँगी थी।

क्या था मामला

विजिलेंस के आधिकारिक बयान के अनुसार, मौसमी बेहरा ने जुलाई से सितंबर 2026 के बीच तीन वृक्षारोपण स्थलों पर किए गए रखरखाव कार्यों — जिसमें देखरेख, पानी देना और खाद डालना शामिल है — के बिल पास करने के बदले एक कर्मचारी से ₹1 लाख रिश्वत की माँग की। बेहरा ने यह भी धमकी दी कि अगर रकम नहीं दी गई तो आने वाले महीनों के बिल भी रोक दिए जाएँगे।

इस माँग से परेशान होकर और रकम देने में असमर्थ होने के कारण कर्मचारी ने ओडिशा विजिलेंस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

मुख्य घटनाक्रम

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और गुरुवार को उस समय बेहरा को पकड़ लिया जब वह शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रकम स्वीकार कर रही थी। रिश्वत की पूरी राशि उनके पास से बरामद कर जब्त कर ली गई।

इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने बेहरा से जुड़े दो स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान भी शुरू किया, ताकि यह जाँचा जा सके कि उनके पास ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति तो नहीं है।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में 28 अक्टूबर 2026 को विजिलेंस सेल पुलिस स्टेशन में बेहरा के खिलाफ 'भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018' की धारा 7 के तहत मामला संख्या 9/26 दर्ज किया गया है। विजिलेंस के अनुसार, मामले की आगे की जाँच जारी है।

ओडिशा वन विभाग में भ्रष्टाचार का पैटर्न

गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी ओडिशा वन विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के हालिया मामलों की श्रृंखला में एक और कड़ी है। इसी रविवार को ओडिशा विजिलेंस ने वन विभाग के एक वरिष्ठ क्लर्क को ₹2.60 करोड़ से अधिक की सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी पर 2023 से 'मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन' (MACP) और 'रिवाइज्ड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन' (RACP) योजनाओं के तहत फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने का आरोप है।

इसी तरह, 18 अक्टूबर को विजिलेंस ने ढेंकनाल जिले में वन विभाग के एक वरिष्ठ क्लर्क और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। उन पर 2016 से 2026 के बीच ₹65,90,773 की सरकारी धनराशि के गबन का आरोप है।

आगे क्या होगा

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बेहरा के खिलाफ संपत्ति जाँच और मामले की विस्तृत जाँच जारी है। ओडिशा वन विभाग में एक माह से भी कम समय में तीन बड़ी गिरफ्तारियाँ यह संकेत देती हैं कि राज्य विजिलेंस अब विभाग में व्यापक स्तर पर जाँच की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब तक डिजिटल बिल-ट्रैकिंग और स्वतंत्र ऑडिट लागू नहीं होता, क्या ये गिरफ्तारियाँ रोकथाम की जगह सिर्फ प्रतिक्रिया बनी रहेंगी? ₹2.60 करोड़ का गबन तीन साल तक चलता रहा — यह बताता है कि आंतरिक नियंत्रण प्रणाली विफल रही।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा विजिलेंस ने डिप्टी रेंजर मौसमी बेहरा को क्यों गिरफ्तार किया?
मौसमी बेहरा को 29 अक्टूबर 2026 को ₹1 लाख रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। वह तीन वृक्षारोपण स्थलों के जुलाई-सितंबर 2026 के रखरखाव बिल पास करने के बदले एक वन कर्मचारी से यह रकम माँग रही थीं।
मौसमी बेहरा पर कौन-सी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है?
उनके खिलाफ 'भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018' की धारा 7 के तहत विजिलेंस सेल पुलिस स्टेशन में मामला संख्या 9/26 दर्ज किया गया है। साथ ही उनकी संपत्ति की जाँच भी की जा रही है।
ओडिशा वन विभाग में हाल ही में और कौन-से भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं?
इसी सप्ताह विजिलेंस ने वन विभाग के एक वरिष्ठ क्लर्क को ₹2.60 करोड़ से अधिक की सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया। इससे पहले 18 अक्टूबर को ढेंकनाल जिले में एक वरिष्ठ क्लर्क और दो साथियों पर 2016 से 2026 के बीच ₹65,90,773 के गबन का आरोप लगाया गया।
इस मामले की शिकायत कैसे हुई?
जिस वन कर्मचारी से रिश्वत माँगी गई, वह इस माँग को पूरा करने में असमर्थ था। परेशान होकर उसने ओडिशा विजिलेंस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विजिलेंस ने जाल बिछाकर बेहरा को रंगे हाथों पकड़ा।
गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
विजिलेंस ने बेहरा से जुड़े दो स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है ताकि अनुपातहीन संपत्ति की जाँच हो सके। मामले की आगे की जाँच जारी है और अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की प्रक्रिया चलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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