31 जुलाई 2026
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क्या ओडिशा में शराब विक्रेता से रिश्वत लेते हुए पुलिसकर्मी गिरफ्तार हुए?

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क्या ओडिशा में शराब विक्रेता से रिश्वत लेते हुए पुलिसकर्मी गिरफ्तार हुए?

सारांश

ओडिशा में एक पुलिसकर्मी को शराब विक्रेता से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जांच में कई संपत्तियाँ और नकद राशि भी जब्त की गई हैं। मुख्यमंत्री ने इसे ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

मुख्य बातें

ओडिशा में एक पुलिसकर्मी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी है।
महत्वपूर्ण संपत्तियाँ और नकद राशि जब्त की गई।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के बैंक खाते फ्रीज किए गए।

भुवनेश्वर, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के सतर्कता विभाग ने रविवार को राज्य के पुलिस के एक सीनियर इंस्पेक्टर को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया। उन्हें एक लाइसेंस प्राप्त शराब विक्रेता से रिश्वत

आरोपी बिजय कुमार बारिक वर्तमान में कटक के सीआरआरआई पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं।

विक्रेता ने सतर्कता विभाग में शिकायत की थी कि आरोपी बारिक बार-बार विभिन्न अवसरों पर अनुचित वित्तीय सहायता मांग रहा था।

जब विक्रेता लगातार बढ़ती रकम चुकाने में असमर्थ हो गया, तो उसने सतर्कता विभाग से संपर्क किया।

शिकायत के आधार पर सतर्कता अधिकारियों ने रविवार को जाल बिछाया और भुवनेश्वर के राजमहल चौक पर विक्रेता से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए बारिक को रंगे हाथों पकड़ लिया।

गवाहों की मौजूदगी में बारिक के पास से पूरी रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई।

जाल बिछाने के बाद भुवनेश्वर के यूनिट-1 में बारिक के सरकारी आवास और कटक स्थित उनके कार्यालय की एक साथ तलाशी ली गई।

भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ताओं ने बारिक के सरकारी आवास और कार्यालय की तलाशी के दौरान भुवनेश्वर के सिसुपालगढ़ में एक तिमंजिला इमारत, केंद्रपाड़ा जिले के डेराबिस में नवनिर्मित दो मंजिला इमारतों के कागजात और 4,96,120 रुपए नकद जब्त किए।

इस मामले में सतर्कता प्रकोष्ठ ने पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को राज्य सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार विरोधी अभियान जारी रखने का निर्देश देते हुए कहा कि ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का समय आ गया है।

2025 में सतर्कता टीमों ने राज्य भर में 487 स्थानों पर छापे मारे और अनुपातहीन संपत्ति और रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की।

इस कार्रवाई के तहत भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों से जुड़े 1,199 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए।

इन अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें 153 इमारतें, 417 भूखंड, 12 फार्महाउस और 18.3 किलोग्राम सोना शामिल हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में पुलिसकर्मी क्यों गिरफ्तार हुए?
ओडिशा के एक सीनियर इंस्पेक्टर को शराब विक्रेता से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राज्य सतर्कता विभाग ने कई छापे मारे हैं और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
राष्ट्र प्रेस
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