आर नल्लकन्नू के निधन पर पीएम मोदी का शोक, हर वर्ग में थी उनकी गहरी पहचान

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आर नल्लकन्नू के निधन पर पीएम मोदी का शोक, हर वर्ग में थी उनकी गहरी पहचान

सारांश

तमिलनाडु के महान कम्युनिस्ट नेता आर नल्लकन्नू का 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पीएम मोदी ने उनके प्रति शोक व्यक्त करते हुए उनके सामाजिक योगदान को सराहा। जानें उनके जीवन के बारे में और कैसे उन्होंने वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

मुख्य बातें

आर नल्लकन्नू का 101 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
पीएम मोदी ने उनके योगदान को सराहा।
उन्होंने हमेशा वंचितों और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की।
सीपीआई के सचिव के रूप में उन्होंने पार्टी को महत्वपूर्ण दिशा दी।
उनका जीवन संघर्ष और सादगी का प्रतीक था।

नई दिल्ली, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के प्रख्यात कम्युनिस्ट नेता आर नल्लकन्नू का 101 वर्ष की आयु में बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आर नल्लकन्नू को उनके जमीनी जुड़ाव और वंचितों, श्रमिकों और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के लोग उनके प्रति बहुत आदर रखते थे और उनकी सादगी भी अद्वितीय थी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और सभी प्रशंसकों के साथ हैं।

आर नल्लकन्नू का निधन राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में हुआ, जहां वे इलाजरत थे।

उन्हें 1 फरवरी को गंभीर श्वसन संबंधी समस्याओं के कारण भर्ती कराया गया था और वे पिछले 24 दिनों से आईसीयू में थे।

अस्पताल के बयान के अनुसार, उनकी स्वास्थ्य स्थिति में उतार-चढ़ाव आया और सुबह उनकी दवा का असर कम हो गया। निरंतर चिकित्सा के बावजूद, कई अंगों की विफलता के कारण उनका निधन हो गया।

राजनीति के विभिन्न वर्गों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें ईमानदारी, विचारधारा और सादगी का प्रतीक बताया।

आर नल्लकन्नू का जन्म 1925 में तिरुवैकुण्डम (तिरुनेल्वेली) जिले में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने कॉलेज के दिनों में सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ युवा आंदोलन में भाग लिया, जिसके कारण उन्हें कॉलेज से निष्कासित किया गया।

उन्होंने 1943 में 18 साल की उम्र में सीपीआई से जुड़कर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। उन्होंने हमेशा किसानों, कृषि मजदूरों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। नंगुनेरी क्षेत्र में किसानों के अधिकारों के लिए उन्होंने कई आंदोलन का नेतृत्व किया और अस्पृश्यता और सामाजिक अन्याय के खिलाफ हमेशा डटे रहे।

उन्होंने तमिलनाडु में सीपीआई के सचिव के रूप में 13 वर्षों तक सेवा की और पार्टी को महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर से मार्गदर्शन प्रदान किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक विचारधारा के विलुप्त होने का प्रतीक है। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया। यह समाचार न केवल राजनीतिक हलकों में, बल्कि सामान्य जनमानस में भी गहरा प्रभाव डालेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर नल्लकन्नू कौन थे?
आर नल्लकन्नू तमिलनाडु के वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता थे, जिन्होंने सीपीआई से जुड़े रहकर कई सामाजिक आंदोलनों में भाग लिया।
पीएम मोदी ने उनके निधन पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि आर नल्लकन्नू को उनकी सादगी और सामाजिक योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
आर नल्लकन्नू का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उनका जन्म 1925 में तिरुवैकुण्डम (तिरुनेल्वेली) जिले में हुआ था।
आर नल्लकन्नू ने अपने जीवन में क्या संघर्ष किए?
उन्होंने हमेशा किसानों, श्रमिकों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।
आर नल्लकन्नू का निधन कब हुआ?
उनका निधन 25 फरवरी 2023 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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