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प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर व्यक्त किया शोक

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प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर व्यक्त किया शोक

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया। उनके निधन ने राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैला दी है। जानिए उनके योगदान और अंतिम क्षणों की कहानी।

मुख्य बातें

मुकुल रॉय का निधन 73 वर्ष की आयु में हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके योगदान की सराहना की।
मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे।
उनका निधन बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक युग का अंत है।
उनकी राजनीतिक यात्रा भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच रही।

नई दिल्ली/कोलकाता, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका निधन सोमवार रात लगभग डेढ़ बजे कोलकाता के एक निजी अस्पताल में हुआ। वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मुकुल रॉय के निधन की खबर सुनकर बहुत दुःख हुआ। उनके राजनीतिक अनुभव और समाज की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी। मैं उनके परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ओम शांति।"

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने भी शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के निधन की जानकारी सुनकर मन बहुत दुखी है। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति मिले।"

तृणमूल कांग्रेस के सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लिखा, "मुकुल रॉय का निधन बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक युग का अंत है। वे एक अनुभवी नेता थे, जिनका योगदान राज्य की राजनीतिक यात्रा के महत्वपूर्ण चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई।"

73 वर्षीय मुकुल रॉय का इलाज कोलकाता के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने पुष्टि की कि उनका निधन सोमवार रात 1:30 बजे हुआ। करीबी सहयोगियों के मुताबिक, वे कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लंबे समय से उपचार में थे, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा था।

मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में से माने जाते थे। वे मनमोहन सिंह की सरकार में रेल मंत्री भी रहे।

वह भाजपा के विधायक भी रहे थे। 2017 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और 2021 में नादिया जिले के कृष्णानगर (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीते थे। हालांकि, कुछ महीनों बाद उन्होंने टीएमसी में वापसी की।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने न केवल उनके समर्थकों को बल्कि समस्त राजनीतिक समुदाय को प्रभावित किया है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुकुल रॉय का निधन कब हुआ?
मुकुल रॉय का निधन 23 फरवरी 2023 को हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके निधन पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुकुल रॉय को उनके राजनीतिक अनुभव और समाज सेवा के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
मुकुल रॉय का राजनीतिक करियर क्या था?
मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और वे भाजपा के विधायक भी रहे।
उनका निधन किस कारण हुआ?
उनका निधन कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुआ था।
मुकुल रॉय की उम्र कितनी थी?
उनकी उम्र 73 वर्ष थी।
राष्ट्र प्रेस
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