प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल संसद में संबोधन: आतंकवाद के खिलाफ भारत-इजरायल की साझेदारी

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प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल संसद में संबोधन: आतंकवाद के खिलाफ भारत-इजरायल की साझेदारी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद में अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ भारत-इजरायल की साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने हालिया हमास हमले पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत हमेशा इजरायल के साथ खड़ा है।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल संसद में संबोधन महत्वपूर्ण है।
  • आतंकवाद के खिलाफ भारत-इजरायल की साझेदारी पर जोर दिया गया।
  • मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
  • भारत और इजरायल के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की बात कही गई।
  • यहूदी समुदाय का भारत में बिना भेदभाव के रहना गर्व की बात है।

यरूशलम, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दो द‍िवसीय यात्रा पर इजरायल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायल की संसद को संबोधित किया। संसद में पीएम मोदी की उपस्थिति से अत्यधिक उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि नौ साल

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर को हुए हमास हमले का उल्लेख किया। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। पीएम ने कहा कि हम आपके दर्द को समझते हैं और आपके दुख में शामिल हैं। भारत पूरी तरह से इजरायल के साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी कारण से आम लोगों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवाद पर विचार करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने भी लंबे समय तक इसके दर्द को सहा है। हमें 26/11 के मुंबई हमले और उसमें मारे गए निर्दोष लोगों की याद है, जिनमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी भेदभाव के रह रहा है। ये अपने धर्म का पालन करते हैं और समाज में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है।

पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए वैश्विक स्तर पर मिलकर निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि कहीं भी होने वाला आतंक हर जगह शांति के लिए खतरा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की जनता को आश्वासन दिया कि शांति के लिए भारत हमेशा आपके साथ है।

उन्होंने कहा कि मेरा पहला दौरा इजरायल का 2006 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुआ था। इसके बाद 2017 में प्रधानमंत्री के रूप में इजरायल के मेरे दौरे के दौरान दोनों देशों ने इस रिश्ते को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाया। तब से मेरा जुड़ाव और भी बढ़ा है। हमने कई क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने का वादा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इजरायल को अक्सर स्टार्टअप नेशन कहा जाता है। हाल के वर्षों में हम अपने युवाओं की नवाचार क्षमता और रचनात्मकता को बाहर लाने के लिए काम कर रहे हैं। मुझे याद है कि 2018 में पीएम नेतन्याहू और मैंने भारत में आई-क्रिएट टेक बिजनेस इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया था। तब से इसने 900 से अधिक स्टार्टअप को समर्थन दिया है। पिछले हफ्ते हमने दुनिया के सबसे बड़े और सबसे अधिक लोकतांत्रिक एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया।

उन्होंने कहा कि हम व्यापार बढ़ाने, निवेश के प्रवाह को मजबूत करने और संयुक्त ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पिछले वर्ष हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश संधि हमारे व्यवसाय को आत्मविश्वास और पूर्वानुमानिता प्रदान करेगी। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

Point of View

जो भारत और इजरायल के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है। यह संबोधन न केवल दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल में किस मुद्दे पर जोर दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की संसद में आतंकवाद के खिलाफ भारत-इजरायल की साझेदारी पर जोर दिया।
क्या पीएम मोदी ने हमास हमले पर कुछ कहा?
जी हां, पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर को हुए हमास हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल में यह दौरा कब हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा 25 फरवरी को हुआ है।
भारत और इजरायल के संबंधों में क्या विशेष बातें साझा की गईं?
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इजरायल के बीच व्यापार, निवेश और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात की।
पीएम मोदी ने इजरायल के यहूदी समुदाय के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी भेदभाव के रह रहा है और यह हमारे लिए गर्व की बात है।
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