ओडिशा विजिलेंस का फॉरेस्ट रेंजर रवींद्र कुमार नायक के 4 ठिकानों पर छापा, आय से अधिक संपत्ति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा विजिलेंस ने 8 जुलाई 2025 को कटक फॉरेस्ट डिवीजन के अंतर्गत केंद्रपाड़ा फॉरेस्ट रेंज के फॉरेस्ट रेंजर रवींद्र कुमार नायक की संपत्तियों पर एक साथ चार स्थानों पर छापेमारी की। नायक पर ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं। यह तलाशी अभियान कटक के स्पेशल जज (विजिलेंस) द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर चलाया गया।
छापेमारी के स्थान और टीम का विवरण
विजिलेंस की टीम ने मुंडुली स्थित नायक की चार मंजिला रिहायशी इमारत, कटक जिले के सहदापाड़ा में उनके पैतृक घर, केंद्रपाड़ा फॉरेस्ट रेंज कार्यालय और केंद्रपाड़ा में उनके अस्थायी आवास — इन चारों स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। इस अभियान में 5 डीएसपी, 9 इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल थे। ओडिशा विजिलेंस के अनुसार, तलाशी अभियान जारी रहा और आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।
पिछले छापों का संदर्भ
गौरतलब है कि यह कार्रवाई ओडिशा विजिलेंस के हालिया अभियान की कड़ी है। इससे पहले 30 जून को विजिलेंस की टीम ने संबलपुर जिले के बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (विमसर) के दो अधिकारियों — धनुर्धर बिस्वाल (एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट) और अश्विनी मेहेर (स्टीवर्ड, सुपरिटेंडेंट कार्यालय, विमसर बुर्ला) — से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। वह तलाशी भी संबलपुर के स्पेशल जज (विजिलेंस) के सर्च वारंट पर आधारित थी और उस टीम में 2 डीएसपी, 5 इंस्पेक्टर और 3 एएसआई शामिल थे।
विमसर मामले में आरोप
विमसर के दोनों अधिकारियों पर भी ज्ञात आय के स्रोतों से परे संपत्ति रखने के आरोप हैं। धनुर्धर बिस्वाल के चार ठिकानों पर तलाशी ली गई। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा सरकार सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी विजिलेंस कार्रवाइयों को तेज कर रही है।
आगे की कार्रवाई
ओडिशा विजिलेंस ने संकेत दिया है कि तलाशी से प्राप्त दस्तावेज़ों और साक्ष्यों की जाँच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इन मामलों में अंतिम रिपोर्ट संबंधित स्पेशल जज (विजिलेंस) न्यायालयों में प्रस्तुत की जाएगी।