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ओडिशा विजिलेंस का विमसर पर बड़ा एक्शन: दो अधिकारियों की 9 संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी

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ओडिशा विजिलेंस का विमसर पर बड़ा एक्शन: दो अधिकारियों की 9 संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी

सारांश

ओडिशा विजिलेंस ने मंगलवार को विमसर के दो अधिकारियों — धनुर्धर बिस्वाल और अश्विनी मेहेर — की 9 संपत्तियों पर एक साथ छापा मारा। बिस्वाल के यहाँ ₹19.72 लाख नकद, 20 प्लॉट और दो इमारतें मिलीं; मेहेर के यहाँ 10 प्लॉट और चार-मंजिला निर्माणाधीन इमारत समेत कई संपत्तियाँ पाई गईं।

मुख्य बातें

ओडिशा विजिलेंस ने 30 जून 2026 को विमसर, बुर्ला के दो अधिकारियों की कुल 9 संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की।
आरोपी अधिकारी हैं — धनुर्धर बिस्वाल (एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट) और अश्विनी मेहेर (स्टीवर्ड); दोनों पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप।
बिस्वाल के यहाँ ₹19,72,490 नकद , 20 प्लॉट , दो इमारतें और सोने के गहने मिले।
मेहेर के यहाँ 10 प्लॉट , चार-मंजिला निर्माणाधीन इमारत सहित तीन इमारतें और वित्तीय निवेश पाए गए।
कार्रवाई संबलपुर के स्पेशल जज (विजिलेंस) द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई।
तलाशी अभियान जारी है; संपत्तियों का पूर्ण मूल्यांकन अभी बाकी।

ओडिशा विजिलेंस ने मंगलवार, 30 जून 2026 को संबलपुर जिले के बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (विमसर) के दो अधिकारियों की संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के आधार पर, संबलपुर के स्पेशल जज (विजिलेंस) द्वारा जारी सर्च वारंट के तहत की गई।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

जिन दो अधिकारियों के ठिकानों पर तलाशी ली गई, उनमें धनुर्धर बिस्वाल (एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट, विमसर) और अश्विनी मेहेर (स्टीवर्ड, सुपरिटेंडेंट ऑफिस, विमसर, बुर्ला) शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

गौरतलब है कि विमसर ओडिशा का एक प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थान है, और यह मामला स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर संकेत करता है।

छापेमारी दल और स्थान

बिस्वाल से जुड़ी चार जगहों पर विजिलेंस की एक टीम — जिसमें दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी), पाँच इंस्पेक्टर, तीन असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल हैं — तलाशी अभियान चला रही है।

वहीं, मेहेर से जुड़ी पाँच जगहों पर — संबलपुर और बरगढ़ जिलों में — एक अलग टीम काम कर रही है, जिसमें पाँच डीएसपी, पाँच इंस्पेक्टर, तीन एएसआई और अन्य कर्मचारी हैं। कुल मिलाकर नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है।

बिस्वाल के यहाँ मिली संपत्तियाँ

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बिस्वाल और उनके परिवार के पास अब तक निम्नलिखित संपत्तियाँ पाई गई हैं:

संबलपुर के धनकौडा में एक दो-मंजिला रिहायशी इमारत, गुडेसिंगा (संबलपुर) में एक और इमारत, संबलपुर शहर के बाहरी इलाके में 20 कीमती प्लॉट, ₹19,72,490 नकद, सोने के गहने, और बैंक व पोस्टल डिपॉजिट सहित विभिन्न वित्तीय साधनों में निवेश — जिनकी विस्तृत जानकारी अभी जुटाई जा रही है।

मेहेर के यहाँ मिली संपत्तियाँ

मेहेर और उनके परिवार के पास सौरव विहार (बुर्ला) में एक निर्माणाधीन चार-मंजिला इमारत, केंद्रीय विद्यालय (बुर्ला) के पास एक इमारत, गोविंदपल्ली (बरगढ़ जिला) में एक और इमारत, बुर्ला शहर में एक स्टोररूम, तथा दस कीमती प्लॉट — जिनमें बुर्ला में छह, संबलपुर में दो और बरगढ़ शहर में दो शामिल हैं — पाए गए हैं। इसके अलावा बैंक व पोस्टल डिपॉजिट और अन्य वित्तीय निवेश भी मिले हैं, जिनका पूरा ब्यौरा जाँच में सामने आएगा।

आगे क्या होगा

यह तलाशी अभियान अभी जारी है और विजिलेंस टीमें संपत्तियों का पूरा मूल्यांकन कर रही हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जाँच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। यह कार्रवाई ओडिशा विजिलेंस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो सरकारी कर्मचारियों में आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने वर्षों तक ये संपत्तियाँ आंतरिक ऑडिट और संपत्ति-घोषणा प्रक्रियाओं की नज़र से कैसे बचती रहीं। जब तक संस्थागत निगरानी तंत्र मज़बूत नहीं होगा, छापेमारी के बाद भी नए मामले सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा विजिलेंस ने विमसर के अधिकारियों पर छापा क्यों मारा?
ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की। संबलपुर के स्पेशल जज (विजिलेंस) द्वारा जारी सर्च वारंट के तहत 30 जून 2026 को छापेमारी की गई।
किन दो अधिकारियों के यहाँ तलाशी ली गई?
विमसर, बुर्ला के एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट धनुर्धर बिस्वाल और सुपरिटेंडेंट ऑफिस में स्टीवर्ड अश्विनी मेहेर के ठिकानों पर तलाशी ली गई। दोनों पर अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
बिस्वाल के यहाँ छापेमारी में क्या-क्या मिला?
बिस्वाल और उनके परिवार के पास संबलपुर में दो इमारतें, शहर के बाहरी इलाके में 20 कीमती प्लॉट, ₹19,72,490 नकद, सोने के गहने और बैंक व पोस्टल डिपॉजिट सहित विभिन्न वित्तीय निवेश पाए गए।
मेहेर के यहाँ कितनी और कहाँ-कहाँ संपत्तियाँ मिलीं?
मेहेर के यहाँ बुर्ला में निर्माणाधीन चार-मंजिला इमारत, केंद्रीय विद्यालय के पास एक इमारत, बरगढ़ जिले के गोविंदपल्ली में एक इमारत, बुर्ला में स्टोररूम, और संबलपुर व बरगढ़ में फैले 10 कीमती प्लॉट मिले। यह तलाशी संबलपुर और बरगढ़ दोनों जिलों में चलाई गई।
विमसर क्या है और यह मामला क्यों अहम है?
विमसर यानी 'वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च' ओडिशा के संबलपुर जिले के बुर्ला में स्थित एक प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थान है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निचले और मध्यम स्तर के कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर सामने रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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