ओडिशा विजिलेंस की CADA इंजीनियर पद्मलोचन नायक के 7 ठिकानों पर छापेमारी, 18 भूखंड व करोड़ों की संपत्ति बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने 23 जून 2026 को संबलपुर स्थित कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (CADA) के कार्यपालक अभियंता पद्मलोचन नायक के संबलपुर, कटक, बालेश्वर और मलकानगिरी जिलों में फैले सात ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। नायक पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपए की अचल और चल संपत्तियाँ सामने आई हैं।
छापेमारी का विस्तार और टीम
विजिलेंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), संबलपुर की अदालत द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर यह अभियान चलाया गया। विभाग की सात टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जिनका नेतृत्व चार उप पुलिस अधीक्षकों ने किया। इनके साथ 13 निरीक्षक, 7 सहायक उप निरीक्षक और अन्य कर्मचारी भी तैनात रहे।
जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, उनमें संबलपुर जिले के धनुपाली स्थित किराए का मकान, कटक जिले के विद्याधरपुर में स्थित तीन मंजिला आवासीय भवन और बालेश्वर जिले के बस्ता थाना क्षेत्र के मुखालिस गाँव स्थित मकान शामिल हैं।
बरामद संपत्तियाँ
तलाशी के दौरान अधिकारियों को पद्मलोचन नायक और उनके परिवार के नाम पर दर्ज करोड़ों रुपए की संपत्तियाँ मिलीं। इनमें कटक में एक बहुमंजिला इमारत सहित तीन मकान, 18 कीमती भूखंड, करीब ₹20 लाख के सोने के आभूषण व घरेलू सामान, ₹3.45 लाख नकद तथा श्रीलंका, नेपाल, बहरीन और अमेरिका की विदेशी मुद्रा शामिल है।
इसके अलावा तीन चारपहिया वाहन, दो JCB मशीनें, एक ट्रैक्टर और एक ट्रेलर भी बरामद किए गए। 18 भूखंडों का विवरण इस प्रकार है — 5 भुवनेश्वर में, 3 कटक में, 6 जाजपुर जिले के कोरई क्षेत्र में, 3 बालेश्वर जिले के बस्ता क्षेत्र में और 1 पुरी जिले के डेलंगा क्षेत्र में।
विदेश यात्रा और जुए की जाँच
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, नायक के कई बार श्रीलंका जाने और वहाँ जुए की गतिविधियों में शामिल होने की आशंका है, जिसकी अलग से जाँच की जा रही है। यह पहलू मामले को और संवेदनशील बनाता है, क्योंकि इससे संपत्तियों के स्रोत का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जा सकता है।
आगे की जाँच
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, बरामद संपत्तियों के स्रोत का पता लगाने के लिए पद्मलोचन नायक से पूछताछ जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि तलाशी अभियान के आगे बढ़ने पर और भी संपत्तियाँ सामने आ सकती हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ओडिशा सरकार सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान को तेज़ कर रही है।