ओडिशा विजिलेंस का ITDA इंजीनियर बैकुंठनाथ बेहरा पर शिकंजा, भुवनेश्वर में 4 भवन और 13 भूखंड बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सतर्कता विभाग ने कंधमाल जिले के बालिगुडा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (ITDA) के सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE) बैकुंठनाथ बेहरा के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति (DA) मामले में चल रही तलाशी के दौरान भुवनेश्वर में चार आलीशान आवासीय भवन, 13 उच्च मूल्य के भूखंड, नकदी और अन्य वित्तीय निवेश बरामद किए हैं। सतर्कता अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी अभी जारी है और संपत्तियों का कुल मूल्यांकन होना बाकी है।
बरामद भवन और संपत्तियाँ
जब्त प्रमुख संपत्तियों में चंद्रशेखरपुर के नीलाद्री विहार में लगभग 10,500 वर्ग फुट का एक चार मंजिला भवन, शैलाश्री विहार में एक तीन मंजिला भवन, तथा भुवनेश्वर के कानन विहार और चंद्रशेखरपुर में दो-दो मंजिला मकान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जाजपुर जिले के धर्मशाला कॉलेज के निकट पांडुआ में एक और दोमंजिला मकान का भी पता चला है।
भूखंडों की बात करें तो सतर्कता विभाग ने भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में 7 भूखंड, जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र में 5 भूखंड और बारीपाड़ा में 1 भूखंड — कुल 13 मूल्यवान जमीनें जब्त की हैं।
नकदी, आभूषण और बैंक लॉकर
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने ₹2.66 लाख नकद बरामद किए। छापेमारी में जब्त सोने के आभूषणों का वजन और मूल्यांकन अभी किया जा रहा है। भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित Axis Bank और Union Bank of India की शाखाओं में बेहरा की पत्नी के नाम पर संचालित दो बैंक लॉकर अभी तक नहीं खोले गए हैं।
जाँचकर्ता इंजीनियर और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक जमा, डाक बचत खाते, बीमा पॉलिसियों और अन्य वित्तीय निवेशों की भी जाँच कर रहे हैं।
तकनीकी विंग की तैनाती
सतर्कता विभाग की तकनीकी विंग को तलाशी में बरामद भवनों और भूखंडों का विस्तृत माप एवं मूल्यांकन करने के लिए लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर छापेमारी अभी जारी है और संपत्ति के कुल मूल्य की पुष्टि बाद में की जाएगी।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ITDA बालिगुडा एक सरकारी एजेंसी है जो कंधमाल जिले में जनजातीय समुदायों के विकास कार्यों की देखरेख करती है। एक सहायक कार्यकारी अभियंता के पद पर रहते हुए इस स्तर की संपत्ति अर्जित करना, आलोचकों के अनुसार, सरकारी ठेकों और विकास परियोजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा सरकार सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन पूरा होने के बाद सतर्कता विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।