नागपुर MLC हार पर भाई जगताप का BJP पर हमला: 'अपना गढ़ नहीं बचा पाए, आगे बैलेट पेपर पर चुनाव करवाएं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने 29 अक्टूबर 2026 को मुंबई में महाराष्ट्र के हालिया MLC चुनाव परिणामों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नागपुर — जो BJP और RSS दोनों का गढ़ रहा है — वहाँ कांग्रेस की जीत एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश है। जगताप ने BJP और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीधी चुनौती दी कि अगर बैलेट पेपर पर कांग्रेस जीती है, तो आगे के सभी चुनाव भी बैलेट पेपर पर कराकर जनसमर्थन साबित किया जाए।
नागपुर की हार: BJP के गढ़ में सेंध
जगताप ने कहा, 'नागपुर, जो इनका गढ़ रहा है, जहाँ आरएसएस का मुख्यालय है और जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी गढ़ रहा है — वहाँ कांग्रेस ने जीत दर्ज की। जब आप अपना घर नहीं संभाल सकते, तो यह एक स्पष्ट संदेश है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चाहे वोटों की चोरी हो, पैसों का प्रदर्शन हो या खरीद-फरोख्त हो — महाविकास अघाड़ी (MVA) के साथ महाराष्ट्र की जनता खड़ी है, और चुनाव परिणाम इसकी गवाही देते हैं।
बैलेट पेपर की चुनौती
जगताप ने BJP के नेताओं को सीधे शब्दों में ललकारते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री फडणवीस और देश के प्रधानमंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि ये चुनाव बैलेट पेपर पर हुए और कांग्रेस का यह परिणाम आया, तो आगे के सभी चुनाव भी बैलेट पेपर पर कराए जाने चाहिए। उन्होंने इसे 'आग्रह भी और चुनौती भी' करार दिया।
प्रधानमंत्री और सत्ता के 'नशे' पर निशाना
कांग्रेस विधायक ने कहा कि महाराष्ट्र को समझने में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने गलती की। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि जब देश के किसान मर रहे थे और 630 किसानों ने शहादत दी, तब प्रधानमंत्री ने उस विषय पर कभी कोई पोस्ट नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की लोकसभा सीट वाराणसी में भी वे पीछे रहे — 'यह जनता का जवाब है।'
खड़गे के बयान का समर्थन, परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयान का समर्थन करते हुए जगताप ने कहा, 'उन्होंने बिल्कुल सही कहा। 86 वर्ष के खड़गे का अनुभव और उनकी बात की सच्चाई अपने-आप बोलती है।' उन्होंने यह भी कहा कि देश के विद्यार्थी परीक्षा पेपर लीक से थक चुके हैं और सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं दिखती। जगताप ने चेतावनी दी कि सत्ता का प्रभाव और पैसों की ताकत कुछ समय के लिए चल सकती है, लेकिन हमेशा नहीं — लोग अब सब समझ चुके हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और MLC परिणाम दोनों गठबंधनों के लिए मनोबल का पैमाना बन रहे हैं।