29 अक्टूबर 2026
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नागपुर MLC चुनाव: आरएसएस के गढ़ में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत, BJP को 3,271 मतों से हराया

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नागपुर MLC चुनाव: आरएसएस के गढ़ में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत, BJP को 3,271 मतों से हराया

सारांश

RSS के मुख्यालय और मुख्यमंत्री फडणवीस के गृहनगर नागपुर में कांग्रेस ने BJP को 3,271 मतों से हराकर लगातार दूसरी बार MLC स्नातक सीट जीती। MVA गठबंधन की यह जीत महाराष्ट्र की राजनीति में प्रतीकात्मक और व्यावहारिक — दोनों लिहाज़ से बड़ा संदेश है।

मुख्य बातें

कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने नागपुर संभाग स्नातक MLC सीट पर 3,271 मतों के अंतर से BJP के सुधाकर कोहले को हराया।
यह RSS मुख्यालय और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहनगर नागपुर में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत है।
वंजारी ने महा विकास अघाड़ी (MVA) — कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और NCP SP के संयुक्त समर्थन से यह चुनाव जीता।
कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 28 MLC सीटों के उपचुनावों में यह कांग्रेस की पहली जीत रही।
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने एक्स पर इसे 'भ्रम के गुब्बारे का फूटना' करार दिया।

कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने 29 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी सुधाकर कोहले को 3,271 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। यह जीत इसलिए असाधारण मानी जा रही है क्योंकि नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय और BJP का अभेद्य गढ़ माना जाता है।

मुख्य घटनाक्रम

लंबी मतगणना प्रक्रिया के बाद घोषित इस परिणाम ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। वंजारी ने विपक्षी गठबंधन 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) के समर्थन से यह चुनाव लड़ा, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी — शरदचंद्र पवार गुट (NCP SP) शामिल हैं। यह कांग्रेस की नागपुर संभाग स्नातक सीट पर लगातार दूसरी जीत है।

नागपुर की राजनीतिक अहमियत

नागपुर की राजनीतिक संवेदनशीलता कई कारणों से बेहद गहरी है। यह शहर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है और उस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा भी है जिसका प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करते हैं। इससे भी बढ़कर, यह RSS का मुख्यालय है — वह संगठन जिसकी वैचारिक और संगठनात्मक जड़ें इस क्षेत्र में बेहद गहरी हैं। ऐसे में कांग्रेस की यह जीत प्रतीकात्मक रूप से भी बेहद महत्त्वपूर्ण है।

विजेता उम्मीदवार की प्रतिक्रिया

जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए वंजारी ने कहा, "BJP ने इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, उनके बड़े नेता नागपुर में मौजूद थे, लेकिन मतदाता हमारे साथ थे।" उन्होंने मतदाताओं के भरोसे को इस ऐतिहासिक जीत का आधार बताया।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह परिणाम तब आया है जब कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए उपचुनाव हुए। इन चुनावों में नागपुर की यह जीत कांग्रेस के लिए खाता खोलने वाली सीट बनी। गौरतलब है कि यह जीत ऐसे समय में आई है जब MVA गठबंधन महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति के खिलाफ अपनी साझा रणनीति को धार देने में जुटा है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इस जीत के साथ "भ्रम का गुब्बारा फूट गया है, नफरत की हार हुई है।" पार्टी के भीतर इस परिणाम को आगामी चुनावों के लिहाज़ से उत्साहवर्धक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में MVA गठबंधन इस जीत को राजनीतिक ऊर्जा के रूप में भुनाने की कोशिश करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हारी — यह MVA के लिए संगठनात्मक मज़बूती का संकेत है। हालाँकि स्नातक सीट की मतदाता संख्या सीमित होती है और इसे विधानसभा के जनादेश के बराबर नहीं आँका जाना चाहिए। असली परीक्षा यह है कि क्या MVA इस नैरेटिव को आगामी बड़े चुनावों तक बनाए रख पाएगा, या यह जीत एक प्रतीकात्मक क्षण बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर MLC स्नातक चुनाव 2026 में कौन जीता?
कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने यह चुनाव जीता। उन्होंने BJP के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों के अंतर से पराजित किया।
नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस की जीत क्यों खास मानी जा रही है?
नागपुर RSS का मुख्यालय है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की राजनीतिक धुरी है। इसी कारण यहाँ BJP और RSS की मज़बूत संगठनात्मक उपस्थिति मानी जाती है, और इस गढ़ में लगातार दूसरी जीत को बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है।
महा विकास अघाड़ी (MVA) में कौन कौन से दल शामिल हैं?
MVA में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी — शरदचंद्र पवार गुट (NCP SP) शामिल हैं। वंजारी ने इसी गठबंधन के समर्थन से चुनाव लड़ा।
इन MLC उपचुनावों में कुल कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में विधान परिषद की कुल 28 सीटों पर उपचुनाव हुए। नागपुर स्नातक सीट पर यह जीत इन उपचुनावों में कांग्रेस के लिए पहली जीत रही।
अभिजीत वंजारी ने जीत पर क्या कहा?
वंजारी ने कहा कि BJP ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत लगाई और उनके बड़े नेता नागपुर में मौजूद थे, लेकिन मतदाता कांग्रेस के साथ रहे। उन्होंने इस जीत का श्रेय मतदाताओं के विश्वास को दिया।
राष्ट्र प्रेस
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