महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव 2026: कांग्रेस उम्मीदवार अतुल लोंढे बोले — 'पैसा नहीं, मुद्दों पर लड़ रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) की 11 सीटों के लिए गुरुवार, 18 जून को मतदान जारी रहा। महायुति गठबंधन पहले ही 6 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर चुका है, जबकि शेष सीटों पर महा विकास अघाड़ी (MVA) और महायुति के बीच सीधा मुकाबला है। इस बीच नागपुर से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के उम्मीदवार अतुल लोंढे ने दावा किया कि उनकी पार्टी इस चुनाव को 'पैसा दो, वोट लो' की पुरानी परिपाटी से अलग, मुद्दों के आधार पर लड़ रही है।
कांग्रेस का 'बुनियादी बदलाव' — क्या है नई रणनीति
अतुल लोंढे ने कहा कि एमएलसी जैसे अप्रत्यक्ष चुनावों में पहले धन-बल की भूमिका प्रमुख मानी जाती थी, लेकिन इस बार कांग्रेस ने पार्षदों के सामने ठोस जन-मुद्दे रखकर समर्थन माँगने का रास्ता चुना है। उनके अनुसार विधान परिषद को केवल राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और कानूनों पर गंभीर चर्चा का सदन माना जाता है — और वे इसी भूमिका को निभाने के लिए तैयार हैं।
लोंढे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह अपने पार्षदों को विभिन्न राज्यों और शहरों में भेज रही है, क्योंकि कथित तौर पर उसे अपने कामकाज का हिसाब देने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस मज़बूती से मैदान में उतरी है।
मुख्य मुद्दे — किसान, स्वास्थ्य, बेरोज़गारी
लोंढे ने राज्य और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी कई समस्याओं को रेखांकित किया। उनके अनुसार किसानों के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ है। नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को ज़रूरी अनुदान नहीं मिल रहा। जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएँ कमज़ोर हैं, बेरोज़गारी लगातार बढ़ रही है, और शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन एक गंभीर समस्या बनी हुई है।
नागपुर महानगरपालिका पर निशाना
लोंढे ने नागपुर महानगरपालिका के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से भाजपा का नियंत्रण होने के बावजूद कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। उन्होंने खेल सुविधाओं के विकास में देरी का विशेष उल्लेख किया और कहा कि दक्षिण नागपुर में प्रस्तावित खेल परिसर के लिए आवश्यक धनराशि अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है।
पार्षदों का समर्थन और दावे
नागपुर के कई पार्षदों ने अतुल लोंढे के समर्थन में अपनी राय व्यक्त की। एक पार्षद ने विश्वास जताया कि लोंढे स्थानीय निकायों में मौजूद अनियमितताओं और प्रशासनिक चुनौतियों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे। एक अन्य पार्षद ने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार को व्यापक समर्थन मिलेगा और वे बड़े अंतर से चुनाव जीत सकते हैं।
दूसरी ओर, लातूर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के जिला अध्यक्ष और औसा नगर परिषद के उपाध्यक्ष अफसर शेख ने महायुति की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि एनसीपी (अजित पवार गुट) पूरी मज़बूती के साथ महायुति गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में है और गठबंधन उम्मीदवार बड़े अंतर से जीत हासिल करेगा।
आगे क्या
मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि 'मुद्दे-आधारित राजनीति' का कांग्रेस का दाँव कितना कारगर रहा। महाराष्ट्र विधान परिषद की यह चुनावी प्रक्रिया राज्य में MVA और महायुति के बीच ताक़त के असली समीकरण को भी उजागर करेगी।