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महाराष्ट्र विधान परिषद: 17 में से 6 उम्मीदवार निर्विरोध, सभी सीटें जीतेगा महायुति — एकनाथ शिंदे

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महाराष्ट्र विधान परिषद: 17 में से 6 उम्मीदवार निर्विरोध, सभी सीटें जीतेगा महायुति — एकनाथ शिंदे

सारांश

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति का दबदबा साफ दिख रहा है — 17 में से 6 सीटें पहले ही निर्विरोध जीती जा चुकी हैं और कांग्रेस उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने सभी 17 सीटें जीतने का दावा करते हुए विपक्ष को सीधी चुनौती दी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में 17 में से 6 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभी 17 सीटों पर महायुति गठबंधन की जीत का दावा किया।
कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने से दुष्यंत चतुर्वेदी को निर्विरोध जीत का मौका मिला।
शिंदे ने कहा कि महाविकास अघाड़ी का एक भी उम्मीदवार विधान परिषद में नहीं पहुँचेगा।
10 जून को PM मोदी के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर शिंदे ने 2014 से 2026 तक के कार्यकाल की सराहना की।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 7 जून 2026 को मुंबई में कहा कि विधान परिषद चुनाव में कुल 17 उम्मीदवारों में से 6 पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं और शेष सभी सीटों पर भी महायुति गठबंधन की जीत तय है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) का एक भी उम्मीदवार इस चुनाव में विजयी नहीं होगा।

निर्विरोध निर्वाचन और नामांकन वापसी

शिंदे ने बताया कि कांग्रेस के उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे महायुति के दुष्यंत चतुर्वेदी को निर्विरोध जीत का अवसर मिल गया। उन्होंने कहा, 'महाविकास अघाड़ी भले ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रखे, लेकिन अधिकांश जनता महायुति गठबंधन के साथ खड़ी है।' यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की विधायी राजनीति में महायुति की पकड़ लगातार मजबूत होती दिख रही है।

पीएम मोदी की सेवा अवधि पर शिंदे का बयान

10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर शिंदे ने कहा कि 2014 से 2026 तक मोदी ने देश के लिए अथक परिश्रम किया और एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली। उन्होंने कहा कि जब देश वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है, तो विपक्ष को यही बात सबसे अधिक परेशान करती है।

विपक्ष पर हमला

शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे न केवल देश में बल्कि विदेश यात्राओं के दौरान भी प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए तर्क दिया कि जनता हर बार मोदी के साथ खड़ी होती है। उनके अनुसार, 'विपक्ष कोई भी हथकंडा अपनाएगा तो कामयाब नहीं होगा।'

आगे क्या

विधान परिषद की शेष सीटों पर मतदान की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी। महायुति के दावों की असली परीक्षा अंतिम परिणामों में होगी, जिस पर महाराष्ट्र की राजनीतिक दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक रणनीतिक संदेश है — MVA के भीतर बिखराव को उजागर करना और अपने विधायकों को एकजुट रखना। कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन वापस लेना विपक्षी गठबंधन में समन्वय की कमी को दर्शाता है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की विधान परिषद में संख्याबल का सीधा असर राज्यसभा की राजनीति और भविष्य के विधेयकों पर पड़ता है। असली परीक्षा यह है कि क्या महायुति अपने दावे को मतपेटी में साबित कर पाती है या यह केवल चुनावी बयानबाजी बनकर रह जाती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 में कितनी सीटें हैं?
इस चुनाव में कुल 17 सीटें हैं। इनमें से 6 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं और शेष सीटों पर मतदान की प्रक्रिया जारी है।
एकनाथ शिंदे ने महायुति की जीत का दावा क्यों किया?
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि अधिकांश जनता महायुति गठबंधन का समर्थन करती है और महाविकास अघाड़ी के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है। कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने को उन्होंने इसी का प्रमाण बताया।
दुष्यंत चतुर्वेदी कौन हैं और वे निर्विरोध कैसे जीते?
दुष्यंत चतुर्वेदी महायुति गठबंधन के उम्मीदवार हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद उनके सामने कोई प्रतिस्पर्धी नहीं बचा, जिससे उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
महाविकास अघाड़ी की विधान परिषद चुनाव में क्या स्थिति है?
शिंदे के अनुसार महाविकास अघाड़ी (MVA) का एक भी उम्मीदवार इस चुनाव में नहीं जीत पाएगा। कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने की घटना विपक्षी गठबंधन में समन्वय की कमी को दर्शाती है।
PM मोदी के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने की तारीख क्या है?
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन जाएंगे। शिंदे ने 2014 से 2026 तक के उनके कार्यकाल को अथक सेवा का प्रतीक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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