महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 12 मई: भाजपा ने 5 उम्मीदवार घोषित, महायुति को 8 सीटें जीतने की उम्मीद
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने 28 अप्रैल को महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए 5 उम्मीदवारों की घोषणा की।
- उम्मीदवारों में सुनील करजातकर, माधवी नाइक, संजय भेन्डे, विवेक कोल्हे और प्रमोद जठार शामिल हैं।
- प्रज्ञा सातव का नामांकन भी घोषित; वे दिसंबर 2025 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं।
- चुनाव 12 मई को, नामांकन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल; जीत के लिए 29 वोट जरूरी।
- महायुति के पास 235 विधायक, 8 सीटें जीतने की स्थिति में; MVA के पास 46 विधायक, एक सीट संभव।
महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 28 अप्रैल को अपने पाँच उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की। ये चुनाव 12 मई को होने हैं और उच्च सदन की नौ सीटों पर मतदान होगा, क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है।
भाजपा उम्मीदवारों की सूची
भाजपा ने जिन पाँच उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें सुनील करजातकर, माधवी नाइक, संजय भेन्डे, विवेक कोल्हे और प्रमोद जठार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पार्टी ने प्रज्ञा सातव के नामांकन की भी घोषणा की है, जो दिसंबर 2025 में कांग्रेस छोड़कर और उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुई थीं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है।
उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि
सुनील करजातकर पार्टी के संगठनात्मक कार्यों से लंबे समय से जुड़े हैं और प्रमोद महाजन तथा गोपीनाथ मुंडे जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ सक्रिय रहे हैं। माधवी नाइक पेशे से वकील हैं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाली नाइक वर्तमान में भाजपा की प्रदेश महासचिव हैं।
संजय भेन्डे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और नागपुर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष हैं। वे 2013 से 2015 तक प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य रहे। विवेक कोल्हे सहकारिता नेता एवं पूर्व मंत्री शंकरराव कोल्हे के पोते हैं और सहकार महर्षि शंकरराव कोल्हे कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लिमिटेड के चेयरमैन हैं। वे इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव (IFFCO) के डायरेक्टर और महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन के डायरेक्टर भी रह चुके हैं। प्रमोद जठार तटीय सिंधुदुर्ग जिले से पूर्व विधायक हैं।
फडणवीस की भूमिका और रणनीति
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी लेते हुए उम्मीदवारों के चयन में अपनी निर्णायक भूमिका निभाई। पार्टी ने नामांकन में अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, जो संगठनात्मक विविधता को दर्शाता है।
विधानसभा का गणित और महायुति की स्थिति
महायुति गठबंधन के पास विधानसभा में कुल 235 वोटों की बड़ी बढ़त है, जिसके आधार पर गठबंधन आराम से आठ सीटें जीत सकता है — भाजपा की पाँच, शिवसेना की दो और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की एक। जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 29 'पहली पसंद' वाले वोटों की आवश्यकता होती है।
दूसरी ओर, महा विकास अघाड़ी (MVA) के पास अभी 46 विधायक हैं — जिनमें शिवसेना-UBT (20), कांग्रेस (16) और NCP-SP (10) शामिल हैं। इस आधार पर विपक्ष एक सीट जीत सकता है, बशर्ते क्रॉस-वोटिंग या दलबदल न हो।
आगे क्या होगा
नामांकन की अंतिम तारीख 30 अप्रैल है और 12 मई को मतदान होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महायुति की संख्यात्मक बढ़त को देखते हुए नतीजे काफी हद तक अनुमानित हैं, हालाँकि प्रज्ञा सातव की सीट पर नज़रें टिकी रहेंगी क्योंकि उनका नामांकन दलबदल से जुड़े घटनाक्रम का सीधा परिणाम है।