पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026: TMC की डोला सेन बोलीं — 'ममता के नतीजे हमेशा एग्जिट पोल को गलत साबित करते हैं'

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पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026: TMC की डोला सेन बोलीं — 'ममता के नतीजे हमेशा एग्जिट पोल को गलत साबित करते हैं'

सारांश

पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल के आते ही TMC ने आक्रामक पलटवार किया। डोला सेन और सौगत रॉय ने न सिर्फ अनुमानों को खारिज किया, बल्कि BJP पर चुनाव आयोग और ED के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। 4 मई के नतीजे बताएंगे कि इतिहास खुद को दोहराता है या नहीं।

Key Takeaways

TMC सांसद डोला सेन ने 30 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल अनुमानों को पूरी तरह खारिज किया। सेन ने कहा कि 2016, 2019, 2021 और 2024 में भी एग्जिट पोल TMC के खिलाफ गलत साबित हुए हैं। TMC सांसद सौगत रॉय ने एग्जिट पोल की पद्धति और नतीजों दोनों पर भरोसा न करने की बात कही। BJP पर आरोप: 506 में से 496 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर और बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती का हवाला दिया गया। रॉय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर केंद्र द्वारा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल का आरोप लगाया। विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित होने हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने 30 अप्रैल 2026 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल अनुमानों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC ने 2016, 2019, 2021 और 2024 में भी एग्जिट पोल को गलत साबित किया है और इस बार भी ऐसा ही होगा। विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आने वाले हैं।

डोला सेन का बयान

TMC की राज्यसभा सदस्य डोला सेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा,

Point of View

जब अधिकांश एग्जिट पोल BJP को बहुमत दे रहे थे। लेकिन इस बार दांव ऊँचे हैं क्योंकि ज़्यादातर एग्जिट पोल BJP को बहुमत दिखा रहे हैं और TMC के आंतरिक विरोधाभास — भ्रष्टाचार के आरोप, IPAC पर छापे — इस बार की चुनौती को अलग बनाते हैं। ED और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप TMC की रक्षात्मक मुद्रा को दर्शाते हैं, न कि आत्मविश्वास को। 4 मई के नतीजे तय करेंगे कि इतिहास की पुनरावृत्ति होती है या बंगाल का राजनीतिक समीकरण बदल चुका है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे कब आएंगे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित होने हैं। एग्जिट पोल के अनुमान पहले ही सामने आ चुके हैं जिनमें अधिकांश BJP को बहुमत दिखा रहे हैं।
TMC ने एग्जिट पोल को क्यों खारिज किया?
TMC सांसद डोला सेन और सौगत रॉय ने कहा कि एग्जिट पोल की पद्धति विश्वसनीय नहीं है और 2016, 2019, 2021 तथा 2024 में भी ये अनुमान गलत साबित हुए हैं। उनका तर्क है कि ममता बनर्जी का जनाधार एग्जिट पोल के सर्वे में सही तरीके से नहीं आंका जाता।
डोला सेन ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
TMC की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने आरोप लगाया कि BJP ने इस चुनाव में 506 में से 496 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर कराया, बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की और माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए। उन्होंने इसे BJP द्वारा चुनाव आयोग के माध्यम से प्रभाव डालने की कोशिश बताया।
सौगत रॉय ने IPAC छापे पर क्या कहा?
TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि चुनाव से पहले IPAC पर हुई छापेमारी का मकसद उन्हें डराना था और यह साबित हो चुका है कि इन छापों में कोई सच्चाई नहीं थी। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल का इतिहास कैसा रहा है?
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अधिकांश एग्जिट पोल BJP को बहुमत दे रहे थे, लेकिन TMC ने 292 में से 213 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। TMC नेता इसी उदाहरण का हवाला देते हुए 2026 के एग्जिट पोल को भी गलत बता रहे हैं।
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