प्रियांक खरगे बोले — एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं, 4 मई को आएंगे असली नतीजे
सारांश
Key Takeaways
कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने 30 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि एग्जिट पोल पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता और अंतिम निर्णय जनता के मतों से ही होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 मई को आधिकारिक परिणाम आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं है।
एग्जिट पोल पर मंत्री का रुख
मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि एग्जिट पोल निजी एजेंसियों और विश्लेषकों द्वारा तैयार किए जाते हैं, जो कई बार पहले भी गलत साबित हो चुके हैं। उनके अनुसार, चुनावी नतीजों को लेकर कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक परिणामों का इंतजार करना जरूरी है। यह ऐसे समय में आया है जब विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों के एग्जिट पोल चर्चा में हैं।
संस्थाओं पर सवाल और चुनावी प्रक्रिया
खरगे ने आरोप लगाया कि जब संस्थाएं एक तरफ झुकी हुई नजर आती हैं, तो चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ की चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे हैं। परिसीमन और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि इन मामलों में अदालतों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
पार्टी की उम्मीदें
मंत्री खरगे ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी को केरल, तमिलनाडु और असम में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल और जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर पार्टी को वापसी की उम्मीद है। गौरतलब है कि 4 मई को परिणाम आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
प्राकृतिक आपदा और सरकारी प्रयास
खरगे ने हाल की प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसी परिस्थितियाँ दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं, जिन पर किसी का नियंत्रण नहीं होता। उन्होंने बताया कि सरकार अपनी पूरी क्षमता से बुनियादी ढाँचे को सुचारू बनाए रखने और लोगों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रही है।
विपक्ष पर पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि विपक्ष को आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन उनके पास ठोस मुद्दे और उपलब्धियाँ नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार विकास और जनहित के कार्यों पर केंद्रित है। लोकतंत्र में जनता का फैसला ही सर्वोपरि होता है — यह उनका अंतिम संदेश था।