एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा तंज: 'तुम लड़ो, हम कपड़े संभालते हैं' — MLC चुनाव में महायुति का दांव
सारांश
Key Takeaways
उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने 30 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के नामांकन दाखिल होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने विपक्ष की रणनीति को 'तुम लड़ो, हम कपड़े संभालते हैं' की संज्ञा देते हुए महाविकास आघाड़ी (MVA) के आंतरिक विरोधाभासों को उजागर किया।
कांग्रेस की 'अंतरात्मा' पर तंज
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने MLC चुनाव में उम्मीदवार न उतारने का कारण 'अंतरात्मा की आवाज' बताया था। इस पर शिंदे ने पलटवार करते हुए कहा, ''जिन लोगों की आत्मा ही मर चुकी है, क्या उनके भीतर से कोई आवाज आ सकती है? मैं यह पहली बार सुन रहा हूं। 2019 में यह 'अंतरात्मा की आवाज' कहां थी?'' उनका यह कटाक्ष 2019 में महाराष्ट्र में सरकार गठन के दौरान हुए राजनीतिक उठापटक की ओर सीधा इशारा था, जब शिवसेना ने भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस और राकांपा के साथ महाविकास आघाड़ी सरकार बनाई थी।
उद्धव ठाकरे की नेतृत्व शैली पर निशाना
शिंदे ने विपक्ष की लड़ाई की रणनीति पर सीधे प्रहार करते हुए कहा, ''जब लड़ने की बारी आती है तो ये लोग हमेशा किसी और को आगे कर देते हैं। इनका हाल 'तुम लड़ो, हम कपड़े संभालते हैं' जैसा है। यह उनका अंदरूनी मामला है, लेकिन इससे उनका तरीका साफ दिखता है।'' यह ऐसे समय में आया है जब MVA गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर तनाव की खबरें सामने आती रही हैं।
महायुति के उम्मीदवारों की घोषणा
शिंदे ने MLC चुनाव के लिए नीलम गोरहे और बच्चू कडू के नामों का ऐलान किया। प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता बच्चू कडू को महायुति में शामिल करने को विदर्भ क्षेत्र में शिवसेना की पकड़ मजबूत करने की रणनीतिक चाल माना जा रहा है। शिंदे ने कडू की तारीफ करते हुए कहा, ''शिवसेना हमेशा गरीबों, शोषितों और दिव्यांगों के लिए आगे रही है। बच्चू भाऊ के साथ आने से पार्टी और उनके मिशन, दोनों को मजबूती मिलेगी।''
नीलम गोरहे की उम्मीदवारी और पार्टी में हलचल
नीलम गोरहे फिलहाल विधान परिषद की सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है। वह अविभाजित शिवसेना की ओर से लगातार चौथी बार विधान परिषद पहुंची थीं। पार्टी के भीतर उनकी उम्मीदवारी को लेकर कुछ नाराजगी की चर्चा थी, लेकिन शिंदे ने खुलकर उनका समर्थन किया। गौरतलब है कि 2022 में शिंदे की बगावत और महायुति में शामिल होने के बाद गोरहे ने भी एकनाथ शिंदे का साथ चुना था।
निर्विरोध चुनाव का रास्ता साफ
अतिरिक्त उम्मीदवार न उतारकर शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (BJP)-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के महायुति गठबंधन ने नौ सीटों का चुनाव निर्विरोध कराने का रास्ता साफ कर दिया है। शिंदे ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा, ''सभी ने समझदारी का परिचय दिया है। मैं सभी दलों का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने यह चुनाव सौहार्दपूर्ण माहौल में होने दिया।'' आने वाले दिनों में MLC चुनाव के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति और MVA के बीच शक्ति संतुलन का एक और पैमाना बनेंगे।