महायुति विधान परिषद चुनाव: शिंदे का दावा — सभी 17 सीटें जीतेगा गठबंधन, MVA का सूपड़ा साफ होगा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 28 मई 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दृढ़ता से कहा कि महायुति गठबंधन आगामी विधान परिषद चुनावों में पूर्ण एकजुटता के साथ उतरेगा और सभी 17 सीटें जीतेगा। उन्होंने गठबंधन के भीतर अंदरूनी खींचतान की हर अफवाह को सिरे से खारिज किया।
सीट बंटवारे पर स्थिति साफ
शिंदे ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही सीटों के बंटवारे का ढाँचा तय कर चुके हैं और यह प्रक्रिया आपसी सम्मान के आधार पर पूरी होगी। उन्होंने कहा, "महायुति गठबंधन मजबूत है। हम मिलकर काम कर रहे हैं और महाराष्ट्र के विकास को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं। विपक्ष महायुति गठबंधन की एकता को पचा नहीं पा रहा है।"
उन्होंने आगे दावा किया, "आज महाराष्ट्र में सभी चुनावों में भाजपा नंबर वन पार्टी है, और शिवसेना नंबर टू पर है। विपक्ष इतना नीचे गिर गया है कि उन्हें अब यह भी नहीं पता कि उनके आँकड़े कहाँ खड़े हैं।"
MVA पर तीखा पलटवार
विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) की सभी 17 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना पर शिंदे ने कहा कि वे एक भी सीट नहीं जीत पाएँगे। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत के उस बयान पर — जिसमें राउत ने मौजूदा राज्य सरकार में 'घुटन' महसूस होने की बात कही थी — शिंदे ने तंज कसते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा और उन नेताओं की 'दयनीय स्थिति' का उल्लेख किया जो कभी तीखी भाषा का इस्तेमाल करते थे।
मराठा आरक्षण पर सरकार का रुख
मराठा आरक्षण आंदोलन और एक्टिविस्ट मनोज जरांगे के विरोध प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा कि सरकार समुदाय की चिंताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने हाल ही में जरांगे से मुलाकात कर उनकी माँगें सुनी हैं।
शिंदे ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में उन्होंने अजित दादा और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर मराठा समुदाय के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए — कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए, जस्टिस शिंदे समिति का गठन किया और 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। उन्होंने अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के माध्यम से समुदाय को दिए जाने वाले सतत समर्थन का भी उल्लेख किया। शिंदे ने विश्वास जताया कि जरांगे को दोबारा भूख हड़ताल का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
UCC पर समर्थन, बालासाहेब के सपनों का हवाला
असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने का स्वागत करते हुए शिंदे ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 'एक राष्ट्र, एक कानून' शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का मूल सिद्धांत रहा है। उनके अनुसार, बालासाहेब के तीन बड़े सपने थे — राम मंदिर का निर्माण, अनुच्छेद 370 को हटाना और UCC लागू करना। पहले दो पूरे हो चुके हैं और उन्हें भरोसा है कि तीसरा भी जल्द साकार होगा। शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि UCC का आदिवासी और SC/ST समुदायों के आरक्षण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
केंद्र-राज्य तालमेल पर जोर
फडणवीस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात पर शिंदे ने कहा कि राज्य के नेता के तौर पर केंद्र से तालमेल बनाए रखना महाराष्ट्र के सतत विकास के लिए एक बुनियादी दायित्व है। आने वाले विधान परिषद चुनाव महायुति की एकता की अगली बड़ी परीक्षा होंगे।