महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महायुति ने 17 उम्मीदवारों की सूची जारी की, 18 जून को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने 3 जून को आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्था (विधान परिषद) चुनाव के लिए 17 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के इस गठबंधन ने राज्य की प्रमुख सीटों के लिए नामों की औपचारिक घोषणा कर दी है, जिन पर मतदान 18 जून को होगा।
मुख्य घटनाक्रम
महायुति ने नागपुर से डॉ. राजीव भास्करराव पोतदार, भंडारा-गोंदिया से अविनाश आनंदराव ब्राह्मणकर, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली से अरुण हनुमंत लखानी, अमरावती से प्रवीण रामचंद्र पोटे, सोलापुर से राजेंद्र विठ्ठल राजवत, अहमदनगर से प्राजक्त प्रसादराव तनपुरे, जलगांव से नंदकिशोर भागवत महाजन और सांगली-सातारा से धैर्यशील ज्ञानदेव कदम को उम्मीदवार बनाया है।
इसके अतिरिक्त गठबंधन ने नांदेड़ से अमरनाथ अंतरराव राजूरकर, उस्मानाबाद-लातूर-बीड़ से बसवराज माधवराव पाटिल, औरंगाबाद-जालना से सुहास चंद्रकांत शिरसाट, ठाणे से रविंद्र सदानंद फाटक, यवतमाल से दुष्यंत सतीश चतुर्वेदी, परभणी-हिंगोली से सैयद गोरगुल खान, नासिक से नरेंद्र मिकाजी दराडे, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से अनिकेत सुनील तटकरे तथा पुणे से विक्रम संजय काकड़े को मैदान में उतारा है।
सूची पर तीनों दलों की मुहर
उम्मीदवारों की इस आधिकारिक सूची पर BJP महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, NCP (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और शिवसेना के सरचिटणीस राहुल शेवाले के हस्ताक्षर हैं। तीनों दलों की संयुक्त मुहर इस बात का संकेत है कि सीट-बँटवारे के बहुप्रतीक्षित फ़ॉर्मूले पर गठबंधन के भीतर सहमति बन गई है। गौरतलब है कि रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से उतारे गए अनिकेत तटकरे NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे के परिवार से हैं।
क्यों मायने रखता है यह चुनाव
विधान परिषद की इन सीटों पर आम मतदाता नहीं, बल्कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं — नगर निगम, नगर पालिका, ज़िला परिषद और पंचायत समिति — के निर्वाचित प्रतिनिधि वोट डालते हैं। यह चुनाव गठबंधन की ज़मीनी पकड़ का बैरोमीटर माना जा रहा है, ख़ासकर 2024 की विधानसभा जीत के बाद महायुति के लिए यह पहली बड़ी राज्यव्यापी परीक्षा है। गठबंधन नेताओं का कहना है कि वे विकास और राजनीतिक स्थिरता के मुद्दों पर समर्थन हासिल करेंगे।
मतदाताओं से अपील
महायुति ने स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे 18 जून को मतदान के दौरान गठबंधन के उम्मीदवारों को प्रथम वरीयता का वोट दें। परिषद चुनावों में प्रथम-वरीयता मतदान प्रणाली के चलते सीट के नतीजे अक्सर बहुत कम अंतर से तय होते हैं, इसलिए हर वोट निर्णायक माना जाता है।
आगे क्या
उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज़ हो गई है और सभी प्रमुख दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। महायुति नेताओं ने संकेत दिया है कि प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अलग रणनीति तैयार की जाएगी, और आने वाले दिनों में संयुक्त प्रचार अभियान शुरू होने की संभावना है।