54वीं प्रगति बैठक: PM मोदी ने ₹16,000 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा की, रेलवे-फार्मा-एकता मॉल पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अक्टूबर 2026 को 54वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ₹16,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस ठोस परिणाम, समय पर क्रियान्वयन और नागरिकों को दीर्घकालिक लाभ पहुँचाने पर केंद्रित है।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
यह बैठक 28 अक्टूबर को 'सेवा तीर्थ' में प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत आयोजित की गई। PRAGATI यानी 'प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन' एक सूचना-संचार तकनीक आधारित बहु-स्तरीय मंच है, जो केंद्र और राज्य सरकारों को एक साथ लाकर परियोजनाओं की बाधाएँ दूर करता है। गुरुवार सुबह एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'रेलवे स्टेशनों का मल्टीमॉडल हब के रूप में तेज़ी से पुनर्विकास, फार्मा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और कारीगरों व स्थानीय व्यवसायों को सशक्त बनाने के लिए एकता मॉल, बैठक के मुख्य बिंदु रहे।'
उन्होंने यह भी कहा, 'हमारा फोकस स्पष्ट है — ठोस परिणाम, समय पर काम पूरा करना और लोगों को दीर्घकालिक लाभ पहुँचाना।'
रेलवे आधुनिकीकरण पर ज़ोर
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने देश भर के प्रमुख स्टेशनों के आधुनिकीकरण में तेज़ी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुनर्विकसित स्टेशनों को 'मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब' के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ मेट्रो और अन्य परिवहन नेटवर्क के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो। गौरतलब है कि यह पहल रेलवे की वाणिज्यिक और यात्री-सेवा क्षमता दोनों को उन्नत करने का दीर्घकालिक प्रयास है।
बल्क ड्रग पार्क और फार्मा आत्मनिर्भरता
आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 'बल्क ड्रग पार्कों' की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) और आवश्यक फार्मास्युटिकल सामग्रियों के घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। इसका उद्देश्य दवा निर्माण के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में बाधाओं के कारण कच्चे माल की उपलब्धता को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं।
एकता मॉल और स्थानीय उद्यमिता
प्रधानमंत्री मोदी ने 'एकता मॉल' पहल पर विशेष ज़ोर देते हुए कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाज़ार मिलना चाहिए, कारीगरों की आजीविका मजबूत होनी चाहिए और उन्हें अपना व्यवसाय विस्तारित करने में सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने इन मॉलों को पर्यटन और स्थानीय उद्यमों से जोड़ने का सुझाव भी दिया। उनका मानना है कि इससे माँग बढ़ेगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन में रोज़गार के अवसर सृजित करेगी।
जवाबदेही और परिणाम-केंद्रित शासन
प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया कि वे जिलाधिकारियों के साथ मिलकर हर महीने सरकारी योजनाओं की समीक्षा करें, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन में खर्च की तुलना में परिणामों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि शासन व कल्याणकारी योजनाओं के निरंतर सुधार से लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने में सहायता मिली है। संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को 'मिशन मोड' में काम करने, आपसी समन्वय मजबूत करने और परियोजनाएँ तय समय-सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।