कर्नाटक भाजपा ने एम. नागराज को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया, ABVP-RSS से संसद तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 8 जून 2026 को कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए एम. नागराज को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया। हुबली-धारवाड़ के रहने वाले नागराज का शैक्षणिक, प्रशासनिक और संगठनात्मक क्षेत्र में दशकों का अनुभव है, जिसे पार्टी ने इस नामांकन का मुख्य आधार बताया है।
कौन हैं एम. नागराज
एम. नागराज मूलतः हुबली-धारवाड़ से हैं और शैक्षणिक जगत में प्रोफेसर के रूप में कई वर्षों तक सक्रिय रहे हैं। छात्र जीवन से ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे, जिसके बाद उन्होंने भाजपा की सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
पार्टी संगठन में उन्होंने कर्नाटक भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इसके साथ ही वे कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के सदस्य भी रह चुके हैं, जो उनके प्रशासनिक अनुभव को रेखांकित करता है।
नागराज पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित संगठनात्मक कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विजन प्रोजेक्ट के तहत हर जिले में पार्टी कार्यालय बनाने के अभियान में कर्नाटक समन्वयक के रूप में भवन निर्माण समिति का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
नेताओं की बधाई और प्रतिक्रिया
नागराज के नामांकन पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बधाई दी। विजयेंद्र येदियुरप्पा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं आपके चुनाव में सफल होने की कामना करता हूं। सदन में आपका कार्यकाल राज्य के हितों की रक्षा और आम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में सफल रहे और देश की प्रगति व जनसेवा में आपकी भविष्य की यात्रा अत्यंत फलदायी हो, मेरी यही शुभकामनाएं हैं।"
विधान परिषद के लिए अन्य उम्मीदवार
भाजपा ने राज्यसभा के साथ-साथ विधान परिषद के पदों के लिए लिंगराज पाटिल और आर. रघु कौटिल्य की उम्मीदवारी की भी घोषणा की है। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रघु कौटिल्य ने भाषा, साहित्य, पत्रकारिता, संस्कृति, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्रों में कार्य किया है। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (MA) किया है और मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड तथा देवराज उर्स बैकवर्ड क्लासेस डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन रह चुके हैं। वे कौटिल्य विद्यालय व निपुण्य स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के संस्थापक भी हैं।
वरिष्ठ नेता लिंगराज पाटिल ने कहा, "पार्टी ने मुझे समाज और राज्य की सेवा करने का मौका दिया है। यह समाज की सेवा करने का एक सुनहरा अवसर है। मैंने पार्टी में 37 साल तक काम किया है। पार्टी ने एक 'कार्यकर्ता' को इस पद के लिए चुना है। मैं बहुत खुश हूं।"
राजनीतिक संदर्भ
यह नामांकन ऐसे समय में आया है जब भाजपा कर्नाटक में विपक्ष की भूमिका में है और राज्यसभा तथा विधान परिषद में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। गौरतलब है कि संगठन से जुड़े अनुभवी कार्यकर्ताओं को संसदीय मंच पर भेजने की भाजपा की यह रणनीति पार्टी के वैचारिक आधार को संसद में प्रतिनिधित्व देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
आने वाले समय में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया और इन उम्मीदवारों की आधिकारिक जीत पर सबकी नज़र रहेगी।