बेंगलुरु डॉक्टर पर FIR: कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र बोले — 'राष्ट्रीय सुरक्षा की आवाज दबाना देशद्रोही मानसिकता'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को शिवमोग्गा में मीडिया से बातचीत के दौरान बेंगलुरु के डॉक्टर टी. नागेंद्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कड़ी निंदा की। डॉ. नागेंद्र ने कथित तौर पर अपने इलाके में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की मौजूदगी की सूचना पुलिस को दी थी, जिसके बाद उन्हीं कथित प्रवासियों ने उन पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
मामले का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, डॉ. टी. नागेंद्र ने पुलिस को बेंगलुरु के एक इलाके में संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की उपस्थिति के बारे में सूचित किया था। इसके बाद उन्हीं कथित प्रवासियों ने डॉ. नागेंद्र पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ताओं की पहचान और कानूनी स्थिति की कोई प्रारंभिक जाँच किए बिना ही डॉ. नागेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
इस एफआईआर को चुनौती देते हुए डॉ. नागेंद्र ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। यह याचिका न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई।
हाई कोर्ट की तीखी टिप्पणी
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बेंगलुरु की बेलंदूर और वर्तुर पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने सवाल किया कि उन लोगों की शिकायत पर एफआईआर कैसे दर्ज की जा सकती है, जिन्होंने खुद अपनी शिकायत में स्वीकार किया था कि वे पिछले चार वर्षों से अपने परिवारों के साथ शहर में रह रहे हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि अवैध प्रवासियों को इस प्रकार का संरक्षण दिया जाता रहा, तो वे 'मशरूम की तरह' फैलते जाएंगे — और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए।
विजयेंद्र का सरकार पर हमला
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना, जो देश की सुरक्षा के लिए चिंता व्यक्त कर रहा हो, 'देशद्रोही मानसिकता' को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अल्पसंख्यकों को खुश करने की राजनीति में उलझी है और जनहित के मुद्दों पर बोलने वाले कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश कर रही है। विजयेंद्र ने कहा, 'भाजपा नेताओं को धमकाने के बजाय, सरकार को कर्नाटक के लोगों से जुड़े असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।'
गृह मंत्री और नीट विवाद पर भी निशाना
विजयेंद्र ने राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी मूल जिम्मेदारियों से विमुख होकर राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त हैं।
नीट परीक्षा विवाद के संदर्भ में विजयेंद्र ने कहा कि BJP नेता सी.टी. रवि के बयानों को उनके सही संदर्भ में समझा जाना चाहिए। गौरतलब है कि रवि ने नीट विरोध प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए कहा था कि इन आंदोलनों में 'मुल्ला' शामिल हो रहे हैं और सवाल किया था कि इस शैक्षणिक मुद्दे से उनका क्या संबंध है।
आगे क्या होगा
डॉ. नागेंद्र की याचिका कर्नाटक उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और कोर्ट की तीखी टिप्पणियों के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे हो गए हैं। यह मामला अब राज्य में अवैध प्रवासन, पुलिस की जवाबदेही और नागरिकों के अभिव्यक्ति के अधिकार — तीनों मुद्दों को एक साथ उठाने वाला राजनीतिक केंद्र बिंदु बन गया है। आने वाले दिनों में उच्च न्यायालय का अगला आदेश इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगा।