देवेगौड़ा ने NDA को मजबूत किया, BJP उन्हें बहुत सम्मान देती है: कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 8 जून 2026 को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन किया है और इस निर्णय से पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में संतोष का माहौल है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा का नाम राज्यसभा के लिए विचाराधीन न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत किया है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन किया है, इसलिए पार्टी उनका गहरा सम्मान करती है।
उम्मीदवारों का चयन और संगठनात्मक पृष्ठभूमि
विजयेंद्र ने बताया कि राज्यसभा के लिए प्रोफेसर एम. नागराज को मनोनीत किया गया है, जबकि लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य को विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि ये तीनों उम्मीदवार पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर सक्रिय रूप से कार्यरत रहे हैं।
प्रोफेसर नागराज कुरुबा समुदाय से हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में सेवाएँ दे चुके हैं। वे राज्य भाजपा उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के कार्यकाल में कर्नाटक लोक सेवा आयोग में भी कार्य किया था।
लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य की प्रोफाइल
विजयेंद्र के अनुसार, विधान परिषद उम्मीदवार लिंगराज पाटिल 37-38 वर्षों से जिला और राज्य स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों में शामिल रहे हैं और ABVP सहित पार्टी के लिए व्यापक रूप से काम किया है। दूसरे उम्मीदवार रघु कौटिल्य मडीवाला समुदाय से हैं और शिक्षा तथा पत्रकारिता में अनुभव रखते हैं।
देवेगौड़ा पर राज्य स्तर पर कोई चर्चा नहीं
विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि राज्य स्तर पर देवेगौड़ा को राज्यसभा भेजने के संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में ईमानदारी से पार्टी के लिए काम करने वाले योग्य कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब गठबंधन सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] के साथ सीट-साझाकरण को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज़ थीं।
सुमालथा अंबरीश पर विजयेंद्र का बयान
पूर्व सांसद सुमालथा अंबरीश के बारे में विजयेंद्र ने कहा कि राज्यसभा के लिए उनके नाम पर विचार किया गया था। उन्होंने याद दिलाया कि जब सुमालथा ने मांड्या से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, तब भाजपा ने उनका समर्थन किया था और वे बड़े अंतर से जीती थीं। पिछले चुनाव में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के लिए उन्हें पद छोड़ने को कहा गया था और भविष्य में उन्हें उपयुक्त अवसर दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा को राज्यसभा टिकट न दिए जाने की खबरों पर भाजपा और जेडी(एस) नेतृत्व की आलोचना करते हुए इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से चौंकाने वाला बताया। गौरतलब है कि देवेगौड़ा की पार्टी NDA की सहयोगी है और इस विवाद ने गठबंधन के भीतर तनाव की अटकलों को हवा दी है।