देवगौड़ा राज्यसभा नामांकन विवाद: भाजपा के विजयेंद्र ने कांग्रेस पर लगाया मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने मंगलवार, 9 जून को कांग्रेस नेताओं पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा को राज्यसभा के लिए नामित न किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस का रोना-धोना महज दिखावा है। विजयेंद्र की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के बयानों के जवाब में आई।
मुख्य आरोप और पलटवार
विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस को देवगौड़ा के विरुद्ध अपनी पार्टी की पुरानी राजनीतिक कार्रवाइयाँ नहीं भूलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक समय देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन प्रधानमंत्री को हटाने की कोशिश की थी, और उनके अनुसार वही 'गंदी राजनीति' आज भी जारी है। उनका कहना था कि अब कांग्रेस नेताओं का देवगौड़ा के प्रति झूठी सहानुभूति दिखाना 'पूरी तरह हास्यास्पद' है।
भाजपा-देवगौड़ा संबंध पर दावा
विजयेंद्र ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हमेशा देवगौड़ा का सम्मान किया है और उन्हें गरिमा के साथ देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में देवगौड़ा के योगदान का भावुकता के साथ उल्लेख किया था और उनकी सार्वजनिक सेवा की सराहना की थी। विजयेंद्र के अनुसार, यह दोनों नेताओं के बीच मज़बूत व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंधों का प्रमाण है।
एनडीए समर्थन और राजनीतिक समीकरण
विजयेंद्र ने कहा कि देवगौड़ा ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन किया है और उनका मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही देश की एकता और विकास बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता इस राजनीतिक समीकरण को स्वीकार नहीं कर पा रहे और देवगौड़ा के नाम का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस और जद(से) की प्रतिक्रियाएँ
इससे पहले सोमवार को सुरजेवाला ने देवगौड़ा को राज्यसभा टिकट न दिए जाने की खबरों पर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) नेतृत्व की आलोचना करते हुए इसे 'राजनीतिक रूप से हैरान करने वाला और आँखें खोलने वाला घटनाक्रम' बताया था। वहीं, केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में कहा कि देवगौड़ा को राज्यसभा का टिकट न देना राज्य की जनता के साथ विश्वासघात है। केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सुरजेवाला को 'वसूलीवाला' करार देते हुए पलटवार किया था।
आगे क्या
यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में राज्यसभा नामांकन को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस, भाजपा और जद(से) के बीच तनाव बढ़ रहा है। विजयेंद्र ने कहा कि कर्नाटक की जनता राजनीतिक वास्तविकता को समझती है और कांग्रेस के ऐसे प्रयासों से गुमराह नहीं होगी।