23 जुलाई 2026
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कुमारस्वामी का कांग्रेस पर हमला: देवेगौड़ा राज्यसभा विवाद में सुरजेवाला को बताया 'वसूलीवाला'

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कुमारस्वामी का कांग्रेस पर हमला: देवेगौड़ा राज्यसभा विवाद में सुरजेवाला को बताया 'वसूलीवाला'

सारांश

देवेगौड़ा को राज्यसभा टिकट न मिलने की खबर ने कर्नाटक की राजनीति में तूफान ला दिया है। कुमारस्वामी ने सुरजेवाला को 'वसूलीवाला' कहा, कांग्रेस ने भाजपा पर धोखे का आरोप लगाया — और इस विवाद में तीनों दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 8 जून को बेंगलुरु में कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला को 'वसूलीवाला' करार देते हुए कर्नाटक को 'एटीएम' बनाने का आरोप लगाया।
कुमारस्वामी ने 1997 में देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री पद से हटाने और 2019 में गठबंधन सरकार गिराने को 'धोखा' बताया।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने भाजपा पर देवेगौड़ा के साथ 'धोखे' का आरोप लगाया और इसे कर्नाटक की जनता का अपमान बताया।
सुरजेवाला ने भी भाजपा और जेडी (एस) नेतृत्व की आलोचना करते हुए इस घटनाक्रम को 'आंखें खोलने वाला' बताया।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार, 8 जून को बेंगलुरु में कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला। यह प्रतिक्रिया पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को राज्यसभा नामांकन न मिलने की खबरों पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों के बाद आई। कुमारस्वामी ने एआईसीसी महासचिव व कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला को सीधे तौर पर 'वसूलीवाला' करार दिया।

सुरजेवाला पर सीधा निशाना

कुमारस्वामी ने सुरजेवाला पर राजनीतिक पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता दल (सेक्युलर) पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें कांग्रेस के अपने इतिहास को याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरजेवाला ने उगाही के ज़रिए कर्नाटक को 'एटीएम' बना दिया है। कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि सुरजेवाला को देवेगौड़ा के बारे में बोलने के बजाय अपनी पार्टी के अंदरूनी झगड़ों और साजिशों को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए।

1997 और 2019 की घटनाओं का हवाला

कुमारस्वामी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि 1997 में कांग्रेस नेताओं ने एचडी देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री पद से हटाने की साजिश रची थी, जिसे उन्होंने 'धोखा' बताया। उनके अनुसार, कर्नाटक की जनता ने दशकों तक इस पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने 2019 की कर्नाटक राजनीतिक घटनाओं का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि गठबंधन बनाने के बावजूद कांग्रेस ने सरकार गिराकर उनकी 'पीठ में छुरा घोंपा' था।

देवेगौड़ा का बचाव और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप

कुमारस्वामी ने देवेगौड़ा को एक बड़े राष्ट्रीय नेता और कर्नाटक से एकमात्र प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि चुनावी फायदे के लिए उनके नाम का राजनीतिकरण करना गलत है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप भी लगाया — बाहर धर्मनिरपेक्षता का दिखावा और अंदर जाति-आधारित व मौकापरस्त राजनीति। तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में कांग्रेस के गठबंधनों की भी उन्होंने आलोचना की।

कांग्रेस और BJP दोनों के निशाने पर देवेगौड़ा प्रकरण

दूसरी ओर, कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए देवेगौड़ा को राज्यसभा टिकट न देने के भाजपा के कथित फैसले को राज्य की जनता के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ देवेगौड़ा और जेडी (एस) का, बल्कि पूरे कर्नाटक का अपमान है। हरिप्रसाद के अनुसार, भाजपा और एनडीए गठबंधन ने कई कानूनों को पास कराने के लिए जेडी (एस) का समर्थन लेने के बाद यह कदम उठाया।

आगे की राजनीतिक स्थिति

सुरजेवाला ने भी सोमवार को देवेगौड़ा को राज्यसभा के लिए नामांकित न किए जाने की खबरों पर भाजपा और जेडी (एस) नेतृत्व की आलोचना करते हुए इस घटनाक्रम को 'राजनीतिक रूप से हैरान करने वाला और आंखें खोलने वाला' बताया। हरिप्रसाद ने चेतावनी दी कि राज्य की जनता आने वाले दिनों में इसका उचित जवाब देगी। यह पूरा प्रकरण कर्नाटक में राज्यसभा नामांकन और गठबंधन की स्थितियों को लेकर जेडी (एस) और कांग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी को और तीखा बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह कर्नाटक की तीन-पक्षीय राजनीति की पुरानी दरारों को उजागर करता है। कुमारस्वामी का 1997 और 2019 का हवाला देना यह बताता है कि जेडी (एस) के लिए भाजपा के साथ मौजूदा गठबंधन एक रणनीतिक मजबूरी है, न कि वैचारिक निकटता। उधर, कांग्रेस का भाजपा पर 'धोखे' का आरोप उसे नैतिक ऊंचाई दिलाने की कोशिश है — जबकि 2019 की उसकी अपनी भूमिका पर सवाल बने हुए हैं। देवेगौड़ा जैसे वरिष्ठ नेता का राज्यसभा प्रश्न अब कर्नाटक में आगामी चुनावी समीकरणों की कसौटी बन गया है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचडी देवेगौड़ा को राज्यसभा नामांकन न मिलने का विवाद क्या है?
खबरों के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को भाजपा नेतृत्व ने राज्यसभा के लिए नामांकित नहीं किया। यह घटनाक्रम इसलिए चर्चा में है क्योंकि जेडी (एस) ने एनडीए गठबंधन के तहत कई कानूनों को पास कराने में भाजपा का समर्थन किया था।
कुमारस्वामी ने सुरजेवाला को 'वसूलीवाला' क्यों कहा?
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने उगाही के ज़रिए कर्नाटक को 'एटीएम' बना दिया है। उनके अनुसार, सुरजेवाला को जेडी (एस) पर टिप्पणी करने से पहले अपनी पार्टी के अंदरूनी मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने देवेगौड़ा को राज्यसभा टिकट न देने के भाजपा के कथित फैसले को कर्नाटक की जनता के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए ने जेडी (एस) का समर्थन लेने के बाद यह कदम उठाया, जो देवेगौड़ा और पूरे राज्य का अपमान है।
कुमारस्वामी ने 1997 और 2019 का जिक्र क्यों किया?
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि 1997 में कांग्रेस ने देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री पद से हटाने की साजिश रची थी और 2019 में गठबंधन बनाने के बाद कर्नाटक में सरकार गिराकर उनकी पीठ में छुरा घोंपा था। इन घटनाओं का हवाला देकर उन्होंने कांग्रेस पर ऐतिहासिक विश्वासघात का आरोप लगाया।
इस राजनीतिक विवाद का कर्नाटक पर क्या असर पड़ सकता है?
कांग्रेस अध्यक्ष हरिप्रसाद ने चेतावनी दी है कि राज्य की जनता आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक जवाब देगी। यह विवाद कर्नाटक में जेडी (एस)-भाजपा गठबंधन की स्थिति और आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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