देवगौड़ा राज्यसभा विवाद: विजयेंद्र का कांग्रेस पर पलटवार — 'गठबंधन पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने 8 जून 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा को कथित तौर पर राज्यसभा उम्मीदवार न बनाए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना का करारा जवाब दिया। विजयेंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गठबंधन की राजनीति पर टिप्पणी करने का कांग्रेस के पास कोई 'नैतिक अधिकार' नहीं है।
सुरजेवाला की टिप्पणी पर सीधा जवाब
कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को देवगौड़ा को राज्यसभा टिकट न मिलने की खबरों को 'चौंकाने वाला और आंखें खोलने वाला' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) नेतृत्व की आलोचना की थी। इस पर विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस को गठबंधन पर बोलने से पहले अपने स्वयं के आचरण का आत्मावलोकन करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गठबंधन सहयोगी आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली में हार का जश्न मनाया था — और कुछ स्थानों पर कांग्रेस मुख्यालयों में BJP कार्यालयों से भी अधिक उत्साह देखा गया।
देवगौड़ा के खुले पत्र का संदर्भ
विजयेंद्र ने सुरजेवाला को सलाह दी कि वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे गए देवगौड़ा के खुले पत्र को ध्यान से पढ़ें, जिसमें देवगौड़ा ने कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के साथ अपने अनुभवों का विस्तार से उल्लेख किया था।
उन्होंने कहा कि देवगौड़ा के साथ कैसा व्यवहार हुआ, इसका सबसे प्रामाणिक विवरण स्वयं देवगौड़ा ही दे सकते हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने विधायक राजन्ना के बयान का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर उन परिस्थितियों का वर्णन था जिनमें देवगौड़ा चुनाव हार गए थे।
ऐतिहासिक उदाहरणों से कांग्रेस पर हमला
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में भी अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों देवराज उर्स और वीरेंद्र पाटिल के साथ हुए कथित व्यवहार को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता और मंत्री पद हासिल करने के लिए रातोंरात अपने राजनीतिक समीकरण बदले हैं और गठबंधन के मामलों में हमेशा दोहरा रवैया अपनाया है। उन्होंने विपक्षी इंडी गठबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के इतिहास को देखते हुए उसके सहयोगी दलों को उसके व्यवहार की पहले से जानकारी होनी चाहिए थी।
राज्य सरकार की अंदरूनी खींचतान पर निशाना
विजयेंद्र ने NDA के राज्यसभा नामांकन पर टिप्पणी करने के बजाय कांग्रेस को अपनी राज्य सरकार में मंत्रिमंडल के पदों और विभागों को लेकर जारी अंदरूनी गुटबाजी पर ध्यान देने की नसीहत दी। उनका कहना था कि इस तरह की आंतरिक कलह का सीधा असर कर्नाटक के प्रशासन और शासन पर पड़ रहा है।
कुमारस्वामी का भी पलटवार
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए सुरजेवाला को 'वसूलीवाला' बताया। यह विवाद ऐसे समय में गहरा हो रहा है जब कर्नाटक में राजनीतिक तापमान पहले से ही ऊँचा है और राज्यसभा नामांकन को लेकर NDA के भीतर भी अटकलों का दौर जारी है।