कर्नाटक उपचुनाव: भाजपा की जीत में कोई बाधा नहीं डाल सकता कांग्रेस का प्रयास: विजयेंद्र
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा की जीत की संभावना पर विजयेंद्र का विश्वास।
- कांग्रेस पर धनबल और बाहुबल का आरोप।
- वीरन्ना चारंतिमठ को जनता का समर्थन।
- राज्य सरकार की योजनाओं पर आलोचना।
- पदयात्रा के माध्यम से पार्टी का समर्थन जुटाने का प्रयास।
बागलकोट, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक के बागलकोट विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत सुनिश्चित है और कांग्रेस की किसी भी रणनीति इसे रोक नहीं सकती।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक विजयेंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि किसी भी नेता, यहां तक कि मुख्यमंत्री भी, यदि क्षेत्र में सक्रिय हो जाएं, तो इसका चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के उम्मीदवार वीरन्ना चारंतिमठ को जनता का पूर्ण समर्थन मिल रहा है और कार्यकर्ता ऊर्जा के साथ प्रचार में जुटे हैं।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस धनबल और बाहुबल का उपयोग कर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, लेकिन जागरूक मतदाता भाजपा के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि बागलकोट जिला, जिसने मुख्यमंत्री को राजनीतिक पहचान दी, अब उसी की उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वीरन्ना चारंतिमठ भारी मतों से जीतेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता गुप्त रूप से भाजपा उम्मीदवार का समर्थन कर रहे हैं।
इस दौरान विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार नई योजनाएँ शुरू करने के बजाय पूर्व भाजपा सरकार की परियोजनाओं का उद्घाटन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस कर्मियों के वेतन में देरी हो रही है और विश्वविद्यालयों में गेस्ट लेक्चररों को भी महीनों से भुगतान नहीं मिला है।
विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कई बजट प्रस्तुत किए हैं, लेकिन राज्य की वित्तीय स्थिति पर कोई श्वेत पत्र जारी नहीं किया गया है।
यह उल्लेखनीय है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया ने बागलकोट जिले की बादामी सीट से जीत हासिल की थी, जबकि मैसूरु की चामुंडेश्वरी सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
सोमवार को विजयेंद्र ने बागलकोट में पदयात्रा कर पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में जनसंपर्क अभियान चलाया, जिसमें कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।