चेलुवरयास्वामी का कुमारस्वामी को विधानसभा में सार्वजनिक बहस का आह्वान, 'गायब मुख्यमंत्री' वाला पुराना किस्सा भी उठाया
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी ने गुरुवार, 3 सितंबर को केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी को विधानसभा में खुली बहस की चुनौती दी। यह प्रतिक्रिया कुमारस्वामी के उस आरोप के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि चेलुवरयास्वामी रात करीब 9 बजे फोन हाथ में लिए किसी के गेट पर खड़े देखे गए थे।
मंत्री की खुली चुनौती
पत्रकारों से बात करते हुए चेलुवरयास्वामी ने कहा, 'अगर मैं उनके बारे में बयान देना शुरू करूं तो वह उसे झेल नहीं पाएंगे।' उन्होंने कुमारस्वामी को सीधे ललकारते हुए कहा: 'अगर उन्हें लगता है कि उनमें इसे झेलने की हिम्मत है तो वह अपनी पसंद के अनुसार विधानसभा के किसी भी कमरे में आ जाएं। हम मीडिया को बुलाएंगे और इस पर चर्चा करेंगे। अगर उनमें क्षमता है तो वह बैठें और चर्चा करें।'
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने रात में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्होंने इसके पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करते हुए कहा, 'अगर यह गलत है तो मैं माफी मांगने के लिए तैयार हूं।'
'गायब मुख्यमंत्री' का पुराना किस्सा
चेलुवरयास्वामी ने 2006 या 2007 की एक घटना का हवाला देते हुए कुमारस्वामी पर पलटवार किया। उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी दो दिनों तक 'गायब' हो गए थे, जिसके बाद देवेगौड़ा ने सुबह करीब 5 बजे उन्हें फोन कर कहा था: 'आपके मुख्यमंत्री गायब हो गए हैं और आपको उन्हें ढूंढना चाहिए कि वह कहां गए हैं। मैं पक्का करूं कि वह सुबह 10 बजे तक विधानसभा आ जाएं।'
मंत्री ने मीडिया को चुनौती दी कि वे उस घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाएं और यह भी जानें कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कहां गए थे। उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा ने उस समय चेतावनी भी दी थी कि यदि कुमारस्वामी समय पर नहीं पहुंचे तो 'सम्मान को ठेस पहुंचेगी।'
विवाद की जड़ें: कावेरी जल और केपीएससी घोटाला
दोनों नेताओं के बीच यह वाकयुद्ध व्यापक राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि वह रात में तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी छोड़ती है और सुबह 'नाटक' करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चेलुवरयास्वामी पानी के मुद्दों पर दिल्ली जाते हैं, जबकि राज्य सरकार की नीति कुछ और है।
इसके अलावा, कुमारस्वामी ने दावा किया कि चेलुवरयास्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और उन्हें कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती घोटाले में फंसाने की बात कही थी।
चेलुवरयास्वामी का राजनीतिक सफर
गौरतलब है कि चेलुवरयास्वामी का जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) से पुराना नाता रहा है और वे देवेगौड़ा परिवार के करीबी माने जाते थे। 25 मार्च 2018 को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मैसूर यात्रा के दौरान वे जेडीएस के अन्य बागी विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
कांग्रेस में आने के बाद से वे एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार — दोनों का करीबी माना जाता है, जो स्वयं देवेगौड़ा परिवार के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। यह पृष्ठभूमि उनके और कुमारस्वामी के बीच चल रही तीखी नोकझोंक को और अधिक अर्थपूर्ण बनाती है।
आगे क्या
चेलुवरयास्वामी की विधानसभा बहस की चुनौती पर कुमारस्वामी की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। कर्नाटक की राजनीति में कावेरी जल विवाद और केपीएससी घोटाले जैसे मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी जेडीएस-भाजपा के बीच तनाव आने वाले दिनों में और बढ़ने के संकेत हैं।