क्या कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेताओं को 'वीबी जी-राम-जी' पर बहस करने की चुनौती दी?

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क्या कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेताओं को 'वीबी जी-राम-जी' पर बहस करने की चुनौती दी?

सारांश

कर्नाटक के मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को जी-राम-जी योजना पर खुली बहस के लिए चुनौती दी। क्या कांग्रेस इस चुनौती को स्वीकार करेगी? जानिए इस मामले में क्या है नया।

Key Takeaways

  • कुमारस्वामी की चुनौती ने राजनीतिक माहौल को गर्म किया है।
  • कांग्रेस का जवाब सुनना महत्वपूर्ण होगा।
  • यह बहस विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।

बेंगलुरु, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को कांग्रेस पर 'विकसित भारत जी-राम-जी' योजना के संदर्भ में झूठी कहानियाँ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं को खुले आम एक पब्लिक डिबेट के लिए चुनौती दी ताकि वे दस्तावेजों के साथ उनके झूठ का पर्दाफाश कर सकें।

इससे पहले कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने केंद्र द्वारा मनरेगा को समाप्त करने और जी-राम जी की शुरुआत को लेकर भाजपा और जेडीएस नेताओं को चुनौती दी थी।

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) पर चर्चा के निमंत्रण का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "हम चर्चा के लिए तैयार हैं और, अगर ज़रूरत पड़ी, तो एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।"

केंद्रीय मंत्री ने बेंगलुरु में विपक्ष के नेता आर. अशोक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के साथ जी-राम-जी योजना पर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

पीएम मोदी के नेतृत्व में बनाई गई इस योजना के बारे में कांग्रेस द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचनाओं पर कड़ा गुस्सा जताते हुए कुमारस्वामी ने कहा, "वह समय चला गया जब लोग कांग्रेस के झूठ पर आंख मूंदकर विश्वास करते थे।"

कुमारस्वामी ने कहा, "कांग्रेस ने दशकों तक देश पर राज किया। क्या उन्होंने कभी किसी बड़ी योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा? उन्होंने हर चीज का नाम नेहरू परिवार के सदस्यों के नाम पर रखा और गांधीजी के साथ विश्वासघात किया। उन्हें गांधी के बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।"

कुमारस्वामी ने जी-राम-जी पर खुली बहस की मांग करते हुए कहा, "हम भाग नहीं रहे हैं। आप दावा करते हैं कि पंचायतों के साथ गलत हो रहा है, लेकिन आप चुनाव टाल रहे हैं। आपको शर्म आती है। आप राज्य में अच्छे माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने याद दिलाया कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तो मनरेगा फंड में 800 करोड़ रुपए की देरी हुई थी, और उन्होंने पहले राज्य के खजाने से मजदूरी का भुगतान किया था। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा, "वर्तमान राजस्व मंत्री मेरे मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास मंत्री थे। इस सरकार को यह भी नहीं पता कि केंद्र से कैसे निपटना है।"

उन्होंने जोर देकर कहा, "हम राम राज्य स्थापित करने के लिए भगवान राम का नाम लेते हैं। राज्य सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस योजना के लिए 40 प्रतिशत योगदान देना चाहिए। सिद्धारमैया को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"

कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "जैसे कि बाहर प्रचार फैलाना काफी नहीं था, अब वे विधानसभा सत्र बुला रहे हैं और पदयात्रा की भी योजना बना रहे हैं। किस बहादुरी के लिए? क्या मनरेगा के तहत फर्जी बिल बनाकर जनता का पैसा लूटना काफी नहीं था?"

उन्होंने सवाल किया कि क्या गरीब दिहाड़ी मजदूरों को कांग्रेस शासन में कभी न्याय मिला। उन्होंने पूछा, "वे नकली बिलों को रोकने और नकली जॉब कार्ड की पहचान करने में फेल क्यों हुए? इतने सालों से वे क्या कर रहे थे?"

Point of View

बल्कि नीति और विकास के मुद्दों से भी संबंधित है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

कुमारस्वामी ने किस योजना पर कांग्रेस को चुनौती दी?
कुमारस्वामी ने 'विकसित भारत जी-राम-जी' योजना पर कांग्रेस को चुनौती दी।
सिद्धारमैया ने कुमारस्वामी की चुनौती का क्या जवाब दिया?
सिद्धारमैया ने कहा कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं और बड़े आंदोलन की भी योजना बना सकते हैं।
कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर झूठी कहानियाँ फैलाने का आरोप लगाया।
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