क्या कांग्रेस नेता 'जी राम जी' का फुल फॉर्म जानना महत्वपूर्ण है? दिलीप जायसवाल का बयान
सारांश
Key Takeaways
- 125 दिनों के रोजगार की गारंटी
- 60 दिनों का कृषि ब्रेक
- आधुनिक तकनीक का उपयोग
- पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एआई और बायोमेट्रिक सत्यापन
- गांव-गरीब के लिए सुरक्षा और स्थायित्व
पूर्णिया, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर 'जी राम जी' योजना के संदर्भ में लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इंडी अलायंस इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत गरीबों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। मनरेगा में कई तरह की खामियां थीं, जिन्हें अब दूर किया गया है।
पूर्णिया में मीडिया से बातचीत करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि 'जी राम जी' योजना पर विपक्ष, विशेषकर इंडी गठबंधन के नेता गलत जानकारी फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। नाम में 'राम' शब्द होने के कारण कुछ कांग्रेस नेता जानबूझकर इसे धार्मिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। मैं कांग्रेस नेताओं से कहना चाहूंगा कि 'जी राम जी' का पूरा फुल फॉर्म देख लीजिए- विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन-ग्रामीण।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार की संभावनाएं बनी रहती थीं, अब ऐसा नहीं होगा। इस नए मिशन को देशभर में कड़ी निगरानी में लागू किया जाएगा ताकि गरीबों और मजदूरों को वास्तव में रोजगार मिल सके।
भारत सरकार की नई नीति के अंतर्गत अब 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। साथ ही 60 दिनों का कृषि ब्रेक जोड़ा गया है, जिससे बेहतर तालमेल बनेगा। किसान इन 60 दिनों में खेती का कार्य करेंगे, बुआई करेंगे आदि। साथ ही मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह किया जाएगा, जबकि मनरेगा में मजदूरों को महीनों के बाद भी भुगतान नहीं मिल पाता था। अब गड़बड़ी रोकने के लिए एआई और बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। कांग्रेस और इंडी गठबंधन वाले दल इसके खिलाफ झूठा भ्रम फैला रहे हैं।
दिलीप जायसवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा कि 'विकसित भारत-जी राम जी' श्रमिकों के लिए सुनिश्चित रोजगार, समयबद्ध पारिश्रमिक और आत्मनिर्भर आजीविका की मजबूत व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पीएम मोदी के नेतृत्व में गांव-गरीब और मजदूर वर्ग को सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हुए विकसित भारत की नींव को और मजबूत करेगी। भ्रम फैलाने की कोशिशों के बीच सच्चाई यही है कि आज की सरकार काम, सम्मान और विश्वास के साथ देश के श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित कर रही है।