राम राज्य का वादा: कुमारस्वामी ने कर्नाटक की जनता से मांगा CM बनने का मौका
सारांश
Key Takeaways
- एचडी कुमारस्वामी ने 23 अप्रैल 2026 को हासन में कर्नाटक में 'राम राज्य' स्थापित करने का वादा किया।
- उन्होंने जनता से मुख्यमंत्री बनने का एक मौका मांगा और ₹5,000 प्रति माह गारंटी देने की बात कही।
- कांग्रेस सरकार की ₹2,000 गारंटी योजना को उन्होंने महंगाई के सामने नाकाफी बताया।
- कुमारस्वामी 2006-07 और 2018-19 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
- कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना और अन्य स्थानीय नेता भी उपस्थित थे।
- इस बयान को 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
हासन, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की जनता से सीधी अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें एक बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया जाए, तो वह राज्य में 'राम राज्य' की स्थापना करेंगे। 23 अप्रैल 2026 को हासन जिले के होलेनरसीपुरा तालुक के डोड्डाबीकेनहल्ली गांव में आयोजित श्री अंजनेय स्वामी मंदिर के जीर्णोद्धार समारोह में उन्होंने यह बड़ा बयान दिया।
मंदिर समारोह में कुमारस्वामी का ऐलान
भव्य जीर्णोद्धार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, "आप सभी भगवान अंजनेय के मंदिर का निर्माण कर राम राज्य की स्थापना के लिए प्रार्थना कर रहे हैं — यही मेरी भी प्रार्थना है। मुझे एक मौका दीजिए, मैं कर्नाटक में राम राज्य स्थापित करूंगा।"
उन्होंने भगवा शॉल का जिक्र करते हुए मजाकिया लहजे में कहा कि सभी युवाओं को भगवा शॉल मिली, लेकिन उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने कहा, "मैं भी भगवान राम का उतना ही भक्त हूं — मुझे भी एक शॉल दीजिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवा शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि उदारता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है।
कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार भारी कर्ज लेकर राज्य की आर्थिक रीढ़ को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि गारंटी योजनाओं के नाम पर महिलाओं को मात्र ₹2,000 दिए जा रहे हैं, जबकि महंगाई और करों में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने सीधे चुनौती देते हुए कहा, "अगर मैं मुख्यमंत्री होता, तो ₹5,000 देता। अगर आपको असली गारंटी चाहिए, तो मुझे मौका दीजिए।" उन्होंने महिलाओं से विशेष अपील की कि वे ₹2,000 की छोटी राशि से प्रभावित न होकर अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचें।
राजनीतिक संदर्भ और कुमारस्वामी का ट्रैक रिकॉर्ड
कुमारस्वामी इससे पहले 2006-07 और 2018-19 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ वह केंद्र में एनडीए सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री पद संभाल रहे हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।
गौरतलब है कि जेडीएस और भाजपा के बीच गठबंधन के बाद से कुमारस्वामी लगातार कांग्रेस सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमलावर रहे हैं। उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए वह दक्षिण कर्नाटक में अपना जनाधार मजबूत करने में जुटे हैं।
₹2,000 बनाम ₹5,000 — गारंटी की राजनीति
कर्नाटक में कांग्रेस की गृह लक्ष्मी योजना के तहत महिला मुखियाओं को ₹2,000 प्रति माह दिए जाते हैं। कुमारस्वामी का ₹5,000 का वादा सीधे इसी योजना को चुनौती देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान जमीनी स्तर पर महिला मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा है।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि जब राज्य पहले से ही भारी कर्ज में है, तो ₹5,000 का वादा व्यावहारिक रूप से कितना संभव है — यह एक बड़ा प्रश्न है। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना, एचके कुमारस्वामी सहित कई स्थानीय नेता और ग्रामीण उपस्थित रहे।
आने वाले महीनों में कुमारस्वामी के इस तरह के बयान और जनसंपर्क कार्यक्रम यह संकेत देते हैं कि जेडीएस-भाजपा गठबंधन कर्नाटक में कांग्रेस को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। अगले विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की राजनीतिक सक्रियता राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।