कर्नाटक मंत्रिमंडल में 'भुगतान कोटा': कुमारस्वामी का कांग्रेस पर बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार, 22 जून को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य के संसाधनों का उपयोग देश भर में चुनाव प्रचार के लिए किया जा रहा है और मंत्रिमंडल विस्तार में 'प्रबंधन कोटा' व 'भुगतान कोटा' की व्यवस्था लागू है। कुमारस्वामी के ये आरोप कर्नाटक मंत्रिमंडल के प्रस्तावित विस्तार की पृष्ठभूमि में आए हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार में 'भुगतान कोटा' का आरोप
कुमारस्वामी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पद पाने के इच्छुक विधायकों के बीच जोरदार पैरवी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर 5 प्रतिशत सीटें 'उच्च कमान कोटा' के तहत और शेष 95 प्रतिशत सीटें 'भुगतान कोटा' के तहत आरक्षित की गई हैं। पेशेवर शिक्षा में प्रचलित 'मैनेजमेंट कोटा' से तुलना करते हुए उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अगर कोई मंत्री बनना चाहता है, तो उसे स्पष्ट रूप से भुगतान करना होगा।'
शिवकुमार पर रिश्वत लेने का आरोप
कुमारस्वामी ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार कथित तौर पर विधायकों से यह कहकर धनराशि वसूल रहे हैं कि यह पैसा 'हाई कमांड' को देना है। उन्होंने दावा किया कि 'बिना किसी रोक-टोक के चंदा वसूला जा रहा है।' गौरतलब है कि ये आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार लंबे समय से लंबित है। कुमारस्वामी ने इस देरी को भी इसी 'भुगतान व्यवस्था' से जोड़ा।
कर्नाटक के संसाधनों से चुनाव प्रचार का दावा
केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प व्यक्त किया है और इसी उद्देश्य के लिए कर्नाटक के राज्य संसाधनों का उपयोग राष्ट्रव्यापी चुनाव प्रचार में किया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह राज्य के करदाताओं के हितों के विरुद्ध है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब जनता दल (सेक्युलर) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। कुमारस्वामी, जो केंद्र में NDA सरकार का हिस्सा हैं, कर्नाटक की राजनीति में एक प्रमुख विपक्षी आवाज़ बने हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे क्या होगा
कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें जारी हैं और कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। कुमारस्वामी के इन आरोपों से राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा होने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और तेज़ी से उठा सकता है।