कुमारस्वामी का शिवकुमार पर हमला: बदनाम करने वाले पोस्टरों के पीछे कांग्रेस का हाथ — JD(S) नेता का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री तथा जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने बुधवार, 17 जून 2026 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से लगाए जा रहे पोस्टरों के पीछे सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का समर्थन है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुमारस्वामी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया और कहा कि वे ऐसे हमलों से डरने वाले नहीं हैं।
पोस्टर विवाद: क्या है मामला
कुमारस्वामी ने उन पोस्टरों का विशेष रूप से उल्लेख किया जिनमें दावा किया गया था कि उनके और उनके पुत्र निखिल कुमारस्वामी के पास 100 एकड़ जमीन है। उन्होंने इस दावे को भ्रामक करार देते हुए कहा, "पोस्टरों में लिखा गया है कि मेरे और निखिल के पास 100 एकड़ जमीन है। मैंने करीब 40 साल पहले अपनी मेहनत से 46 एकड़ जमीन खरीदी थी। इसके अलावा मेरे नाम पर और कौन-सी संपत्ति है?" उन्होंने अपनी पत्नी और पूर्व विधायक अनीता कुमारस्वामी का भी बचाव करते हुए कहा कि उनके पास जो 36-37 एकड़ भूमि है, वह कानूनी रूप से अर्जित है।
शिवकुमार पर सीधा प्रहार
कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद इस तरह की गतिविधियाँ थम जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "मुझे लगा था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद, अश्लील फ़िल्मों का प्रोपेगैंडा फैलाने और बदनाम करने वाले पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियां बंद हो जाएंगी। लेकिन वह सोच नहीं बदली है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री पद की अपनी गरिमा और मर्यादा होती है, जिसका पालन किया जाना चाहिए।
भाजपा नेताओं के खिलाफ भी पोस्टर का आरोप
कुमारस्वामी ने कहा कि इसी तरह के बदनाम करने वाले पोस्टर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं बी.वाई. विजयेंद्र, चलावादी नारायणस्वामी और अन्य के खिलाफ भी लगाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने कोई गलत काम किया है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए — सार्वजनिक बदनामी का अभियान नहीं।
राजनीतिक साजिश से इनकार
हाल ही में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुमारस्वामी पर कांग्रेस विधायकों से संपर्क करने के आरोप लगे थे। इस पर उन्होंने कहा, "हम एक छोटी पार्टी हैं। कांग्रेस के पास सरकार है, संसाधन हैं और आर्थिक ताकत भी है। ऐसे में हम उनके खिलाफ इस तरह का अभियान कैसे चला सकते हैं?" उन्होंने यह भी बताया कि जेडी(एस) ने अपना उम्मीदवार केवल पार्टी के वोट एकजुट रखने के लिए उतारा था, और जहाँ अतिरिक्त वोट उपलब्ध थे, वहाँ भाजपा से समर्थन माँगा गया था।
कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद और आगे की राह
कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों से जेडी(एस) को राजनीतिक लाभ मिलने की संभावनाओं पर कुमारस्वामी ने कहा, "यह भगवान की इच्छा पर निर्भर करता है। अगर ऐसा होता है तो सरकार के खिलाफ विपक्ष को मजबूत करने का मौका मिल सकता है।" कृषि मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी की आलोचनाओं को उन्होंने अधिक महत्व नहीं दिया और कहा कि उनके कार्यकर्ता इसका जवाब देंगे। अंत में उन्होंने दृढ़ता से कहा, "मेरा जीवन एक खुली किताब है। मैं इन पोस्टरों या धमकियों से नहीं डरता। मैं किसानों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।" कर्नाटक की राजनीति में यह तनाव आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।