राम राज्य का वादा: कुमारस्वामी ने कर्नाटक में CM बनने के लिए मांगा एक मौका
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 23 अप्रैल को हासन, कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए खुलकर दावेदारी जताई।
- उन्होंने श्री अंजनेय स्वामी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में 'राम राज्य' स्थापित करने का वादा किया।
- कांग्रेस सरकार की ₹2,000 गारंटी राशि को अपर्याप्त बताते हुए ₹5,000 देने का वचन दिया।
- मुख्यमंत्री सिद्दारमैया सरकार पर भारी कर्ज लेने और महंगाई-कर बढ़ाने का आरोप लगाया।
- कुमारस्वामी 2006-07 और 2018-19 में दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
- कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना सहित कई वरिष्ठ जेडीएस नेता मौजूद रहे।
हासन, 23 अप्रैल। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को कर्नाटक की जनता से सीधी अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें एक बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया जाए, तो वे राज्य में 'राम राज्य' की स्थापना करेंगे। यह बयान हासन जिले के होलेनरसीपुरा तालुक के डोड्डाबीकेनहल्ली गांव में आयोजित श्री अंजनेय स्वामी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम के दौरान आया, जो राज्य की राजनीति में तत्काल चर्चा का विषय बन गया।
मंदिर कार्यक्रम से उठी राजनीतिक आवाज़
कुमारस्वामी ने मंच से कहा, "आप सभी भगवान अंजनेय के मंदिर का निर्माण कर रहे हैं और राम राज्य की स्थापना के लिए प्रार्थना कर रहे हैं — यही मेरी भी प्रार्थना है। मुझे एक मौका दीजिए, मैं कर्नाटक में राम राज्य स्थापित करूंगा।" उनके इस कथन को राजनीतिक विश्लेषकों ने 2028 कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले उनकी मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा की खुली घोषणा के रूप में देखा है।
कार्यक्रम में उन्होंने एक मजाकिया लेकिन सांकेतिक टिप्पणी भी की। उन्होंने युवाओं से कहा, "आप सभी भगवा शॉल पहने हुए हैं, लेकिन मुझे नहीं दी गई। मैं भी भगवान राम का उतना ही भक्त हूं — मुझे भी एक शॉल दीजिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवा शॉल आस्था, उदारता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है।
कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला
कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भारी कर्ज लेकर जनता पर बोझ डाल रही है और बदले में मात्र ₹2,000 की गारंटी राशि दे रही है, जो बढ़ती महंगाई और करों के सामने नगण्य है।
उन्होंने कहा, "महंगाई लगातार बढ़ रही है, टैक्स बढ़ाए जा रहे हैं — ऐसे में ₹2,000 का क्या मतलब? अगर मैं मुख्यमंत्री होता, तो ₹5,000 देता। अगर आपको असली गारंटी चाहिए, तो मैं ₹5,000 दूंगा।" उन्होंने महिलाओं से विशेष अपील की कि वे इस सीमित सहायता राशि से प्रभावित न हों और अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लें।
राजनीतिक संदर्भ और कुमारस्वामी का ट्रैक रिकॉर्ड
एचडी कुमारस्वामी इससे पहले 2006-07 और 2018-19 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2018 में उन्होंने जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था, जो महज 14 महीने में गिर गई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में जेडीएस को करारी हार का सामना करना पड़ा और पार्टी ने बाद में भाजपा के साथ गठबंधन किया, जिसके बाद कुमारस्वामी केंद्र में मंत्री बने।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब जेडीएस-भाजपा गठबंधन कर्नाटक में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और कांग्रेस सरकार गारंटी योजनाओं को लेकर वित्तीय दबाव में है। कर्नाटक सरकार पर कुल कर्ज वर्तमान में ₹6 लाख करोड़ से अधिक बताया जा रहा है, जो विपक्ष के हमलों का केंद्र बना हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषण: क्या है असली संदेश?
धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री पद की इच्छा जताना कुमारस्वामी की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। 'राम राज्य' का आह्वान एक साथ धार्मिक भावनाओं और सुशासन की अवधारणा को जोड़ता है — जो हिंदुत्व समर्थक मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रभावी तरीका है। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय मंत्री पद पर रहते हुए राज्य स्तर की राजनीति में इस तरह की सक्रियता यह संकेत देती है कि जेडीएस 2028 से पहले ही जमीनी तैयारी शुरू कर चुकी है।
इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना, एच.के. कुमारस्वामी सहित कई स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जो इस आयोजन को महज धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बनाता है।
आने वाले महीनों में कुमारस्वामी के इस तरह के और बयान आ सकते हैं क्योंकि कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर रस्साकशी पहले से चल रही है।