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केएसआरटीसी से सबरीमाला तक: भाजपा के सुरेंद्रन का आरोप — कांग्रेस ने केरल की जनता से किए वादे तोड़े

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केएसआरटीसी से सबरीमाला तक: भाजपा के सुरेंद्रन का आरोप — कांग्रेस ने केरल की जनता से किए वादे तोड़े

सारांश

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने केरल में कांग्रेस सरकार को KSRTC वादे से पलटने, सबरीमाला जाँच में चुप्पी और अयप्पा भक्तों के मामले वापस न लेने पर घेरा — और इसे कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल की तर्ज पर कांग्रेस की वादाखिलाफी की आदत बताया।

मुख्य बातें

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के.
सुरेंद्रन ने 9 जून को तिरुवनंतपुरम में केरल कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
केएसआरटीसी में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का वादा सभी सेवाओं से घटाकर केवल साधारण बसों तक सीमित किया गया, वह भी ट्रायल के तौर पर।
सबरीमाला सोना चोरी मामले में विपक्ष में केंद्रीय एजेंसी जाँच की माँग करने वाली कांग्रेस सत्ता में आने के बाद उस माँग से पीछे हट गई।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर आरोप — विपक्ष में SIT जाँच की आलोचना, सत्ता में आकर रुख नहीं बनाए रखा।
अयप्पा भक्तों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ।
केरल में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर AI तकनीक न अपनाने पर भी सरकार की आलोचना।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने मंगलवार, 9 जून को तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि चुनावी वादों को सत्ता में आने के बाद भुला देना पार्टी का स्थायी राजनीतिक स्वभाव बन चुका है। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस सरकार वही रास्ता अपना रही है जो उसने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में अपनाया — जहाँ महिलाओं और आम नागरिकों से किए गए वादे चुनाव के बाद अधूरे रह गए।

केएसआरटीसी मुफ्त यात्रा वादा: घोषणा और हकीकत का फर्क

सुरेंद्रन ने केएसआरटीसी (KSRTC) में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के वादे को कांग्रेस की 'वादाखिलाफी' का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उनके अनुसार, चुनाव से पहले पार्टी ने केएसआरटीसी की सभी सेवाओं में निःशुल्क यात्रा का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने इस योजना को केवल साधारण बसों तक सीमित कर दिया और इसे भी महज ट्रायल के तौर पर लागू करने का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा, 'इससे साफ पता चलता है कि चुनाव से पहले किए गए वादों और सत्ता में आने के बाद किए जा रहे कामों के बीच कितना बड़ा अंतर है।' यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में महिला यात्री-सुविधाओं को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।

सबरीमाला सोना चोरी मामला: विपक्ष में आवाज़, सत्ता में खामोशी

सुरेंद्रन ने सबरीमाला में सोने की चोरी के मामले पर भी कांग्रेस को घेरा। उनका आरोप है कि विपक्ष में रहते हुए पार्टी ने इस मुद्दे पर बड़ा अभियान चलाया और केंद्रीय एजेंसियों से जाँच की माँग की, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह उस माँग से पीछे हट गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने विपक्ष के नेता के रूप में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जाँच की आलोचना की थी, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपना वह रुख नहीं बनाए रखा। सुरेंद्रन ने कहा कि सरकार की यह चुप्पी जनता को गुमराह किए जाने का सबूत है।

अयप्पा भक्तों के मामले और आस्था का सवाल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के विरोध-प्रदर्शन के दौरान अयप्पा भक्तों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार उसे पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने इसे आस्था रखने वालों के प्रति कांग्रेस के दोहरे रवैये का संकेत बताया।

गौरतलब है कि सबरीमाला प्रवेश विवाद केरल की राजनीति में वर्षों से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है और इस पर अलग-अलग सरकारों की नीतियाँ विवादों में रही हैं।

मानव-वन्यजीव संघर्ष: AI तकनीक से दूरी

केरल के पहाड़ी इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर सुरेंद्रन ने कहा कि सरकार किसानों और आम नागरिकों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्य जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकें अपना रहे हैं, जबकि केरल में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा।

सुरेंद्रन ने अंत में कहा कि वादे करने और उन्हें पूरा न कर पाने के मामले में कांग्रेस और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) एक ही सिक्के के दो पहलू बन गए हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या केरल सरकार इन मुद्दों पर जनता को ठोस जवाब दे पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब उन्हीं मुद्दों पर खामोश है। KSRTC वादे की कटौती और सबरीमाला जाँच से पीछे हटना — दोनों मिलकर यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या ये घोषणाएँ नीतिगत प्रतिबद्धता थीं या चुनावी रणनीति। भाजपा के लिए यह आरोप-राजनीति है, लेकिन केरल की जनता के लिए असली कसौटी यह होगी कि आने वाले महीनों में सरकार इन वादों पर क्या ठोस कदम उठाती है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने केएसआरटीसी मुफ्त यात्रा वादे पर कांग्रेस को क्यों घेरा?
भाजपा के अनुसार, कांग्रेस ने चुनाव से पहले केरल में केएसआरटीसी की सभी सेवाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद इसे केवल साधारण बसों तक सीमित कर दिया और ट्रायल के रूप में लागू करने का प्रस्ताव रखा।
सबरीमाला सोना चोरी मामले में कांग्रेस का रुख क्या बदला?
भाजपा का आरोप है कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जाँच की माँग की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह उस माँग से पीछे हट गई और मामले पर चुप्पी साध ली।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर SIT जाँच को लेकर क्या आरोप है?
भाजपा नेता सुरेंद्रन का आरोप है कि वीडी सतीशन ने विपक्ष के नेता रहते हुए SIT जाँच की आलोचना की थी, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपना वह रुख नहीं बनाए रखा।
अयप्पा भक्तों के मामलों पर केरल सरकार का क्या रवैया है?
भाजपा के अनुसार, सबरीमाला महिला प्रवेश विरोध-प्रदर्शन के दौरान अयप्पा भक्तों पर दर्ज मामले वापस लेने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार अब तक उसे पूरा करने में नाकाम रही है।
केरल में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर भाजपा ने क्या कहा?
सुरेंद्रन ने कहा कि केरल के पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवरों के हमले बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार AI जैसी आधुनिक तकनीकें नहीं अपना रही जबकि अन्य राज्य इनका उपयोग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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