केरल UDF सरकार कट्टरपंथी तत्वों के प्रभाव में: BJP राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्रन का बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने शुक्रवार, 21 अगस्त को कोझिकोड में आरोप लगाया कि केरल की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार कट्टरपंथी तत्वों के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इसी प्रभाव के चलते राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित पीएम श्री योजना के क्रियान्वयन में जानबूझकर देरी कर रही है।
पीएम श्री योजना पर विवाद
सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और जमात-ए-इस्लामी के दबाव के कारण केरल सरकार इस केंद्रीय योजना को लागू करने में असमर्थ बनी हुई है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस शासित सभी राज्यों ने पीएम श्री योजना लागू कर दी है। लेकिन केरल में मुस्लिम लीग और धार्मिक कट्टरपंथी ताकतें केंद्र सरकार की योजनाओं का विरोध कर रही हैं।" गौरतलब है कि पीएम श्री योजना देशभर के सरकारी स्कूलों के उन्नयन के लिए शुरू की गई केंद्र प्रायोजित पहल है।
वंदे मातरम विवाद और कांग्रेस की दोहरी नीति
सुरेंद्रन ने राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर केरल कांग्रेस के अलग रवैये पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, कांग्रेस शासित कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम पूरी तरह गाया गया, जबकि केरल में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान इस गीत की चार पंक्तियाँ गाने को भी तैयार नहीं थे। उन्होंने पूछा, "कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी केवल केरल में ही अलग नीति क्यों अपनाती है?"
एक्सालॉजिक मामले पर सतीशान की चुप्पी पर सवाल
सुरेंद्रन ने एक्सालॉजिक मामले का भी ज़िक्र किया और कहा कि जब UDF विपक्ष में था, तब वी.डी. सतीशान बार-बार आरोप लगाते थे कि BJP इस मामले में सीपीआई (एम) की मदद कर रही है। उन्होंने कहा, "जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में गंभीर निष्कर्ष निकाले हैं, तो सतीशान चुप क्यों हैं?" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मोहम्मद रियास जाँच से क्यों डर रहे हैं और कहा कि अगर छिपाने जैसा कुछ नहीं है, तो जाँच का भय क्यों।
LDF और UDF में कोई फ़र्क नहीं: BJP
सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि वर्तमान UDF सरकार पूर्ववर्ती पिनारयी विजयन सरकार की हूबहू नकल बन चुकी है। उन्होंने कहा, "वैचारिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टि से कांग्रेस ने सांप्रदायिक ताकतों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।" उन्होंने यह भी कहा कि पिनारयी विजयन विपक्ष के नेता पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
आगे क्या
BJP के इन आरोपों पर UDF सरकार और कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब केरल में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में आकार लेने लगी हैं और BJP राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है।