वंदे मातरम विधेयक पर कांग्रेस का पलटवार: सुरेंद्र राजपूत बोले — 'राजनीतिक ध्रुवीकरण का हथियार'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 20 जुलाई को लखनऊ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में वंदे मातरम से संबंधित विधेयक पेश किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। राजपूत ने कहा कि ऐसे किसी विधेयक की आवश्यकता ही नहीं है, क्योंकि वंदे मातरम पहले से ही प्रत्येक भारतीय की भावना और आत्मा में गहराई से बसा हुआ है।
कांग्रेस की मुख्य आपत्ति
राजपूत ने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) अपने प्रत्येक कार्यक्रम और अधिवेशन की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से करती है। उनके अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय भावना को मज़बूत करना नहीं, बल्कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देना है।
उन्होंने आरोप लगाया, 'आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) वंदे मातरम की बात कर रही है, लेकिन पहले यही लोग संविधान, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अलग रुख अपनाते रहे हैं। अब सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने के लिए ऐसे मुद्दों को आगे लाया जा रहा है।'
यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी सवाल
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को मंजूरी दिए जाने पर राजपूत ने संवैधानिक प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि भारत एक गणराज्य है जहाँ पूरे देश में एक ही संविधान लागू होता है, इसलिए किसी एक राज्य द्वारा अलग से UCC लाना न केवल अनुचित है, बल्कि संघीय ढाँचे के विरुद्ध भी है।
राजपूत ने कहा, 'अगर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना है तो केंद्र सरकार पूरे देश के लिए कानून लेकर आए। अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवस्था बनाने का क्या औचित्य है? यह केंद्र का विषय है, राज्य सरकार का नहीं।'
छात्र मुद्दे और सोनम वांगचुक का अनशन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और देशभर में छात्रों की समस्याओं पर बोलते हुए राजपूत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पटना और अन्य शहरों में कांग्रेस तथा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता छात्र अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजपूत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा निशाना साधते हुए उनका इस्तीफा माँगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान छात्रों की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप
राजपूत ने कहा कि BJP अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के प्रतीकात्मक मुद्दे उठा रही है। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, महिलाओं की सुरक्षा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों पर अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दे अनसुलझे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार का रवैया नहीं बदला तो कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक अपना आंदोलन तेज़ करेगी — और सोनम वांगचुक की माँगों को भी इसी जन-आंदोलन का हिस्सा बताया।