21 जुलाई 2026
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वंदे मातरम विधेयक पर कांग्रेस का पलटवार: सुरेंद्र राजपूत बोले — 'राजनीतिक ध्रुवीकरण का हथियार'

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वंदे मातरम विधेयक पर कांग्रेस का पलटवार: सुरेंद्र राजपूत बोले — 'राजनीतिक ध्रुवीकरण का हथियार'

सारांश

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने वंदे मातरम विधेयक को 'राजनीतिक हथियार' करार दिया — BJP पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया, मध्य प्रदेश के UCC को असंवैधानिक बताया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा। कांग्रेस ने संसद से सड़क तक आंदोलन की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 20 जुलाई को लखनऊ में वंदे मातरम विधेयक को 'निरर्थक' और 'राजनीति से प्रेरित' बताया।
राजपूत ने BJP पर आरोप लगाया कि वह संविधान, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज के विरोध का इतिहास रखती है।
मध्य प्रदेश के UCC को संघीय ढाँचे के विरुद्ध बताते हुए कहा — यह केंद्र का विषय है, राज्य का नहीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा; कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पटना में NSUI के प्रदर्शनों का उल्लेख किया।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को जन-आंदोलन का हिस्सा बताया और सरकार से माँगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
कांग्रेस ने चेतावनी दी — सरकार का रवैया न बदला तो संसद से सड़क तक आंदोलन तेज़ होगा।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 20 जुलाई को लखनऊ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में वंदे मातरम से संबंधित विधेयक पेश किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। राजपूत ने कहा कि ऐसे किसी विधेयक की आवश्यकता ही नहीं है, क्योंकि वंदे मातरम पहले से ही प्रत्येक भारतीय की भावना और आत्मा में गहराई से बसा हुआ है।

कांग्रेस की मुख्य आपत्ति

राजपूत ने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) अपने प्रत्येक कार्यक्रम और अधिवेशन की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से करती है। उनके अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय भावना को मज़बूत करना नहीं, बल्कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देना है।

उन्होंने आरोप लगाया, 'आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) वंदे मातरम की बात कर रही है, लेकिन पहले यही लोग संविधान, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अलग रुख अपनाते रहे हैं। अब सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने के लिए ऐसे मुद्दों को आगे लाया जा रहा है।'

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी सवाल

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को मंजूरी दिए जाने पर राजपूत ने संवैधानिक प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि भारत एक गणराज्य है जहाँ पूरे देश में एक ही संविधान लागू होता है, इसलिए किसी एक राज्य द्वारा अलग से UCC लाना न केवल अनुचित है, बल्कि संघीय ढाँचे के विरुद्ध भी है।

राजपूत ने कहा, 'अगर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना है तो केंद्र सरकार पूरे देश के लिए कानून लेकर आए। अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवस्था बनाने का क्या औचित्य है? यह केंद्र का विषय है, राज्य सरकार का नहीं।'

छात्र मुद्दे और सोनम वांगचुक का अनशन

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और देशभर में छात्रों की समस्याओं पर बोलते हुए राजपूत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पटना और अन्य शहरों में कांग्रेस तथा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता छात्र अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

राजपूत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा निशाना साधते हुए उनका इस्तीफा माँगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान छात्रों की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।

सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप

राजपूत ने कहा कि BJP अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के प्रतीकात्मक मुद्दे उठा रही है। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, महिलाओं की सुरक्षा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों पर अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दे अनसुलझे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार का रवैया नहीं बदला तो कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक अपना आंदोलन तेज़ करेगी — और सोनम वांगचुक की माँगों को भी इसी जन-आंदोलन का हिस्सा बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजपूत का बयान एक बड़ी राजनीतिक रणनीति की ओर इशारा करता है — जहाँ विपक्ष प्रतीकात्मक विधायी कदमों को 'ध्यान भटकाने की राजनीति' के रूप में फ्रेम कर रहा है। असली सवाल यह है कि क्या इस विधेयक में कोई प्रवर्तनीय प्रावधान है, या यह महज़ एक संकल्पात्मक घोषणा है — जो कानूनी रूप से निरर्थक हो। मध्य प्रदेश का UCC प्रयोग और वंदे मातरम विधेयक एक ही राजनीतिक चक्र के दो पहिये लगते हैं, जो 2026 के चुनावी माहौल में पहचान-आधारित मुद्दों को केंद्र में लाने की कोशिश है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि कांग्रेस खुद UCC पर कोई वैकल्पिक नीतिगत स्थिति नहीं रखती — वह केवल 'केंद्र बनाम राज्य' के संवैधानिक तर्क तक सीमित रहती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम विधेयक क्या है और इसे राज्यसभा में क्यों पेश किया गया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में वंदे मातरम से संबंधित एक विधेयक पेश किया, जिसका विवरण अभी सार्वजनिक रूप से पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस का आरोप है कि यह विधेयक राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है और इसकी कोई व्यावहारिक आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस ने वंदे मातरम विधेयक का विरोध क्यों किया?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत के अनुसार, वंदे मातरम पहले से ही हर भारतीय के दिल में बसा है और इसे कानूनी ढाँचे में बाँधने की ज़रूरत नहीं। उन्होंने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और हिंदू-मुस्लिम राजनीति का हिस्सा बताया।
मध्य प्रदेश के UCC पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस का मानना है कि UCC केंद्र सरकार का विषय है और किसी एक राज्य द्वारा अलग से UCC लागू करना संघीय ढाँचे के विरुद्ध है। राजपूत ने माँग की कि यदि UCC लाना है तो केंद्र सरकार पूरे देश के लिए एकसमान कानून बनाए।
सोनम वांगचुक के अनशन पर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस प्रवक्ता राजपूत ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को जनहित से जुड़ा बताया और सरकार से उनकी माँगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और NSUI देशभर में छात्रों और आम नागरिकों के मुद्दे उठा रहे हैं।
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों माँगा?
राजपूत ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पटना जैसे शहरों में छात्रों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहे हैं। इसीलिए कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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