20 अगस्त 2026
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बृजभूषण शरण सिंह का कांग्रेस पर हमला: 'वंदे मातरम' विवाद में बोले — पार्टी लोगों की भावनाएं आहत करती है

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बृजभूषण शरण सिंह का कांग्रेस पर हमला: 'वंदे मातरम' विवाद में बोले — पार्टी लोगों की भावनाएं आहत करती है

सारांश

'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने पर CWC की सहमति के बाद BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा — कहा, पार्टी का दोहरा रवैया ही उसकी राजनीतिक पतन की वजह है। अदालत से बरी होने के बाद लखनऊ में 39 कार्यक्रमों के ज़रिए उन्होंने ज़ोरदार वापसी की।

मुख्य बातें

बृजभूषण शरण सिंह ने 20 अगस्त को गोंडा में कांग्रेस पर 'वंदे मातरम' विवाद को लेकर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने 'वंदे मातरम' के केवल प्रारंभिक दो पद गाने पर सहमति जताई थी।
सिंह ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा रवैया — कभी हिंदुत्व, कभी सेक्युलरिज़्म — उसकी वर्तमान दुर्दशा का कारण है।
उन्होंने राजीव गांधी के कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर रुख बदलने का आरोप लगाया।
अदालत से बरी होने के बाद लखनऊ के पहले दौरे में 39 कार्यक्रमों में उनका स्वागत हुआ, जिसे उन्होंने 'ऐतिहासिक' बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 20 अगस्त को गोंडा में 'वंदे मातरम' को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के रुख पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बार-बार ऐसे कदम उठाती है जो देश के अधिकांश नागरिकों की भावनाओं के विरुद्ध जाते हैं, और यही दोहरा रवैया पार्टी की वर्तमान राजनीतिक दुर्दशा का मूल कारण है। यह बयान उस समय आया जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो पद गाने पर सहमति जताई।

मुख्य बयान: 'कांग्रेस आईने में देखे'

सिंह ने कहा कि कांग्रेस हर वह काम करती है जिससे देश के ज़्यादातर लोगों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को आईने में देखकर खुद का आकलन करने की ज़रूरत है। सबसे बड़ी और सबसे पुरानी पार्टी होने के बावजूद आज वह जिस स्थिति में पहुँच गई है, उसके पीछे उसका यही दोहरा रवैया है।'

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस एक दोराहे पर खड़ी है — कभी हिंदुत्व की बात करती है, तो कभी खुद को सेक्युलर बताती है। पार्टी अपनी दिशा तय नहीं कर पा रही।

'वंदे मातरम' विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की हालिया बैठक में 'वंदे मातरम' के मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें केवल गीत के प्रारंभिक दो पद गाने पर सहमति बनी। इसी निर्णय को लेकर BJP नेताओं ने कांग्रेस को घेरा है। बृजभूषण शरण सिंह ने इसे पार्टी की 'राष्ट्रीय भावनाओं के प्रति उदासीनता' का प्रमाण बताया।

राम मंदिर और ऐतिहासिक संदर्भ

सिंह ने राम मंदिर के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही अयोध्या में मंदिर का ताला खोला गया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में शिलान्यास भी हुआ था। हालाँकि, उनके आरोप के अनुसार, इसके बाद कांग्रेस अपने रुख से पीछे हट गई। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का रास्ता स्पष्ट नहीं है — यही कारण है कि पार्टी ऐसे काम करती है जिनसे देश के लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।'

लखनऊ दौरे पर 'ऐतिहासिक स्वागत'

सिंह ने बताया कि अदालत से बरी होने के बाद लखनऊ का यह उनका पहला दौरा था। उन्होंने कहा कि लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और शहर में 39 कार्यक्रम आयोजित हुए। उन्होंने इस स्वागत को 'ऐतिहासिक' बताया और कहा कि उन्हें इतने प्यार की उम्मीद नहीं थी।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अपनी वैचारिक पहचान को लेकर आंतरिक बहस के दौर से गुज़र रही है। बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान BJP के उस व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें कांग्रेस को राष्ट्रीय प्रतीकों और भावनाओं के प्रति उदासीन दिखाने की कोशिश की जाती है। आने वाले दिनों में 'वंदे मातरम' विवाद पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन CWC की बैठक के ठीक बाद इस बयान का समय संयोगवश नहीं लगता। जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है वह यह है कि सिंह खुद एक विवादित राजनीतिक सफर से गुज़रे हैं — ऐसे में उनका 'नैतिक आकलन' की माँग करना राजनीतिक विडंबना से खाली नहीं। कांग्रेस की वैचारिक असंगति वास्तविक है, लेकिन उसकी आलोचना का अधिकार तब अधिक विश्वसनीय होता है जब आलोचक स्वयं बेदाग हो।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बार-बार ऐसे कदम उठाती है जिनसे देश के अधिकांश लोगों की भावनाएं आहत होती हैं और पार्टी अपनी वैचारिक दिशा तय नहीं कर पा रही। उनके अनुसार यही दोहरा रवैया कांग्रेस की वर्तमान राजनीतिक दुर्दशा का कारण है।
'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस का विवाद क्या है?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की हालिया बैठक में 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो पद गाने पर सहमति बनी, जिसे BJP नेताओं ने राष्ट्रीय भावनाओं के विरुद्ध बताया। इसी निर्णय के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर का ज़िक्र क्यों किया?
उन्होंने यह दिखाने के लिए राम मंदिर का उल्लेख किया कि कांग्रेस अपने ही रुख से पीछे हट जाती है — उनके अनुसार कांग्रेस शासन में ही मंदिर का ताला खुला और राजीव गांधी के कार्यकाल में शिलान्यास हुआ, फिर भी पार्टी बाद में इस मुद्दे से दूर हो गई।
लखनऊ दौरे पर बृजभूषण शरण सिंह ने क्या कहा?
उन्होंने बताया कि अदालत से बरी होने के बाद लखनऊ का यह उनका पहला दौरा था, जहाँ 39 कार्यक्रमों में समर्थकों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया। उन्होंने इस स्वागत को 'ऐतिहासिक' बताया।
कांग्रेस की वैचारिक दिशाहीनता पर सिंह का क्या कहना है?
सिंह के अनुसार कांग्रेस एक दोराहे पर खड़ी है — कभी हिंदुत्व की बात करती है, कभी खुद को सेक्युलर बताती है। उन्होंने कहा कि पार्टी तय नहीं कर पा रही कि उसे किस रास्ते पर चलना है, और यही अस्पष्टता उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
राष्ट्र प्रेस
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