वंदे मातरम अपमान विधेयक पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा का समर्थन, सोनम वांगचुक मामले पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद दिनेश शर्मा ने 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'वंदे मातरम' गीत के अपमान या उसमें बाधा डालने पर दंड का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित विधेयक का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में लाए जाने वाले किसी भी विधेयक का उद्देश्य देश की एकता, सम्मान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना होना चाहिए।
वंदे मातरम विधेयक पर भाजपा का रुख
दिनेश शर्मा ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। उनके अनुसार, इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाखों नागरिकों को त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत किया था। उन्होंने कहा, 'यदि इस विषय पर कोई कानून बनाया जाता है तो उसका उद्देश्य केवल राष्ट्र के प्रति सम्मान और लोगों के बीच एकता की भावना को मजबूत करना होगा।'
शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की किसी भी विधायी पहल का लक्ष्य किसी धर्म, समुदाय या संप्रदाय के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे बिना पूरी जानकारी के आशंकाएं और अफवाहें फैलाने से बचें।
सोनम वांगचुक मामले पर प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने के प्रश्न पर दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व समाज में विभाजन की भावना फैलाने और राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर अफवाहें उड़ाते हैं।
शर्मा ने यह भी कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन करना प्रत्येक सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है और सरकार उसी के अनुसार कार्य करती है। गौरतलब है कि वांगचुक का मामला हाल के हफ्तों में राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
विपक्ष और परिसीमन पर टिप्पणी
संसद में आने वाले संभावित विधेयकों और परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भाजपा सांसद ने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे राजनीतिक विरोध से ऊपर उठकर जनता की भावनाओं को समझें। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की कि महिला आरक्षण या लोकतांत्रिक सुधारों जैसे मुद्दों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं।
पंजाब और आप सरकार पर सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुए दिनेश शर्मा ने पंजाब की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब ऐतिहासिक रूप से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में रहा है — वहाँ की भूमि उपजाऊ है, लोग परिश्रमी और देशभक्त हैं तथा शिक्षा का स्तर भी अच्छा रहा है।
हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बाद में AAP की सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, नशे की समस्या और उद्योगों के लिए प्रतिकूल माहौल जैसी चुनौतियाँ बढ़ी हैं। शर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने इन मुद्दों को इसलिए सामने रखा ताकि जनता वास्तविक स्थिति से अवगत हो सके और राज्य को पुनः विकास के पथ पर लाया जा सके।
आगे क्या
प्रस्तावित 'वंदे मातरम' संरक्षण विधेयक अभी संसद में पेश नहीं हुआ है, लेकिन इस पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सोनम वांगचुक मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और विपक्षी दल सरकार से जवाब माँग रहे हैं। आने वाले संसद सत्र में इन मुद्दों पर तीखी नोकझोंक की संभावना है।