वंदे मातरम देशभक्ति का प्रतीक है, विरोध करने वाले राष्ट्र की भावना का अपमान करते हैं: BJP विधायक राम कदम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 17 जुलाई 2026 को मुंबई में वंदे मातरम के सम्मान को लेकर कड़ा रुख अपनाया और कहा कि यह गीत केवल एक सांगीतिक रचना नहीं, बल्कि देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग वंदे मातरम् गाने से इनकार करते हैं, वे देश के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की भावना का सम्मान नहीं करते।
वंदे मातरम पर राम कदम का तीखा बयान
BJP विधायक राम कदम ने कहा, 'यदि कोई कहता है कि हम वंदे मातरम नहीं बोलेंगे, तो यह सवाल उठता है कि क्या वे देश की भावना का सम्मान करते हैं?' उनके अनुसार, महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार दोनों के लिए यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल की सीमाओं से ऊपर है — यह सीधे मातृभूमि के प्रति प्रेम का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने पर किसी भी संभावित कानूनी प्रावधान का स्वागत किया जाना चाहिए।
सोनम वांगचुक के आंदोलन पर प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए राम कदम ने अभिनेता आमिर खान के अभिव्यक्ति के अधिकार का समर्थन किया, परंतु आंदोलन की टाइमिंग और उसमें शामिल लोगों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व इस आंदोलन की आड़ में देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। कदम ने कहा कि यदि किसी के पास वैध मुद्दे हैं, तो उन्हें संसद के भीतर उठाया जाना चाहिए, जहाँ सरकार जवाब देने को तैयार है।
कांग्रेस नेताओं पर निशाना
कांग्रेस नेताओं — जयराम रमेश और कांग्रेस नेता राहुल गांधी — के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने कहा कि मीडिया के सामने आकर आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को संसद की कार्यवाही में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने तंज कसा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले ही राहुल गांधी के 'लापता' होने की खबरें सामने आ रही हैं और कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए।
लोकतंत्र और संसद की गरिमा पर जोर
राम कदम ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने का अधिकार हर नागरिक को है, लेकिन देशहित और संसद की गरिमा का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि सरकार छात्रों सहित देश के हर नागरिक के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र की शुरुआत से पहले विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है।