एफएओ प्रतिनिधि ताकायुकी हागीवारा ने सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से की विदाई भेंट, भारत-एफएओ सहयोग की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के भारत में निवर्तमान प्रतिनिधि ताकायुकी हागीवारा ने 17 जुलाई को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज से शिष्टाचार विदाई भेंट की। हागीवारा ने भारत में अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है और यह बैठक उनके प्रस्थान से पूर्व हुई। दोनों के बीच कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा और भारत-एफएओ सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
विदाई भेंट के दौरान राजदूत सिबी जॉर्ज ने ताकायुकी हागीवारा के भारत में एफएओ की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में दिए गए योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने हागीवारा को उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ देते हुए भविष्य के कार्यों में सफलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। मंत्रालय की ओर से पोस्ट में कहा गया कि 'सचिव (पश्चिम) ने भारत में एफएओ की गतिविधियों में उनकी सेवाओं और योगदान की सराहना की तथा उनके भविष्य के कार्यों में सफलता और अच्छी सेहत की कामना की।'
भारत-एफएओ सहयोग की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और एफएओ के बीच कृषि, पोषण, खाद्य सुरक्षा, जलवायु-अनुकूल खेती और टिकाऊ कृषि प्रणालियों के क्षेत्र में साझेदारी निरंतर सुदृढ़ हो रही है। एफएओ दीर्घकाल से भारत के साथ मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन क्षमता में सुधार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर केंद्रित कार्यक्रमों को क्रियान्वित करता आया है।
गौरतलब है कि एफएओ भारत के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को साकार करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
हागीवारा के कार्यकाल की उपलब्धियाँ
ताकायुकी हागीवारा के कार्यकाल के दौरान भारत और एफएओ के बीच कई महत्त्वपूर्ण पहल आगे बढ़ीं। इनमें कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा, पोषण सुधार, डिजिटल कृषि और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार उल्लेखनीय है।
आगे की राह
हागीवारा के जाने के बाद भारत में एफएओ का नया प्रतिनिधि इन साझेदारियों को आगे बढ़ाएगा। भारत और एफएओ के बीच कृषि क्षेत्र में बहुआयामी सहयोग की यह परंपरा आने वाले समय में और गहरी होने की संभावना है।