वंदे मातरम राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक, इसे विवाद न बनाएं: BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 18 अगस्त 2026 को लखनऊ में कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस की टिप्पणियों, उत्तर प्रदेश में पार्टी की नई संगठनात्मक नियुक्ति, अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान मामले की जांच और अन्य राष्ट्रीय विषयों पर पार्टी का पक्ष प्रस्तुत किया। त्रिपाठी ने कांग्रेस पर देशहित के मुद्दों पर भी विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया।
वंदे मातरम विवाद पर BJP का पक्ष
राकेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय गीत को लेकर जारी राजनीतिक बहस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम देश की राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा गीत है और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनगिनत क्रांतिकारियों के लिए यह प्रेरणास्रोत रहा है। उनके अनुसार, ऐसे राष्ट्रीय प्रतीक को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उस टिप्पणी पर, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम के पुराने संस्करण को गाने को अपराध बताए जाने के संदर्भ में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज किए जाने की बात कही थी, त्रिपाठी ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बार-बार ऐसी टिप्पणियाँ करती है जिससे राष्ट्रीय गीत का अपमान होता है।
विनोद तावड़े की UP प्रभारी नियुक्ति
उत्तर प्रदेश में BJP के नए प्रभारी के रूप में विनोद तावड़े की नियुक्ति के बारे में त्रिपाठी ने कहा कि यह पार्टी की संगठनात्मक कार्यपद्धति का स्वाभाविक हिस्सा है। प्रभारी केंद्र और राज्य संगठन के बीच समन्वय का काम करता है। उन्होंने बताया कि तावड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने छात्र जीवन से जुड़े रहे हैं और उनके पास विभिन्न राज्यों में संगठन एवं चुनावी रणनीति का व्यापक अनुभव है।
बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए त्रिपाठी ने दावा किया कि तावड़े की रणनीति से BJP को वहाँ उल्लेखनीय सफलता मिली। उनके अनुसार, आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए तावड़े का अनुभव प्रदेश के कार्यकर्ताओं और संगठन के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
अयोध्या दान मामले में SIT की अंतिम रिपोर्ट
अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित दान चोरी मामले में SIT की अंतिम रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपे जाने पर त्रिपाठी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 घंटे के भीतर SIT का गठन किया था। SIT की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज हुई, गिरफ्तारियाँ हुईं और आरोपियों को जेल भेजा गया।
बाद में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच टीम का विस्तार किया गया। विस्तारित SIT ने वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहियाँ एकत्र करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। त्रिपाठी ने कहा कि रिपोर्ट में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश होगी, उन पर उचित कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए न्यास भी काम करेगा।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक सीमाएं
खड़गे द्वारा मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को कमजोर करने के आरोपों पर त्रिपाठी ने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है, किंतु यह युक्तियुक्त प्रतिबंधों के अधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या समाज के लिए हानिकारक सामग्री प्रसारित करने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है, और ये नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए।
चुनाव आयोग की प्रशंसा और छात्र प्रदर्शन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की प्रशंसा किए जाने पर कांग्रेस की आलोचना के जवाब में त्रिपाठी ने कहा कि भारत की विशाल आबादी और भौगोलिक विविधता के बावजूद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही जाती है। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया।
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि वे जानबूझकर छात्रों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के मुद्दों को लेकर हमेशा संवेदनशील रही है और पुलिस ने भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही बल का प्रयोग किया। आने वाले समय में BJP इन सभी मुद्दों पर अपना पक्ष और मजबूती से जनता के सामने रखेगी।