19 अगस्त 2026
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वंदे मातरम विवाद: भाजपा नेता मोहसिन रजा का कांग्रेस पर हमला, 1936 के फैसले का दिया हवाला

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वंदे मातरम विवाद: भाजपा नेता मोहसिन रजा का कांग्रेस पर हमला, 1936 के फैसले का दिया हवाला

सारांश

वंदे मातरम विवाद फिर गरमाया — भाजपा नेता मोहसिन रजा ने 1936 के कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले और राम मंदिर विवाद का हवाला देकर कांग्रेस को राष्ट्र-विरोधी बताया। साथ ही विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया भाजपा प्रभारी बनाए जाने का स्वागत किया।

मुख्य बातें

भाजपा नेता मोहसिन रजा ने 18 अगस्त 2026 को लखनऊ में कांग्रेस पर वंदे मातरम विरोध का आरोप लगाया।
रजा ने 1936 की कांग्रेस कार्यसमिति बैठक का हवाला दिया, जिसमें वंदे मातरम के केवल दो अंतर गाने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भगवान राम के अस्तित्व पर न्यायालय में सवाल उठाने का भी आरोप लगाया।
भाजपा के नए उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और जगदीश पटेल का रजा ने स्वागत किया।
रजा ने दावा किया कि आगामी चुनावों में भाजपा लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश में बड़ी जीत हासिल करेगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मोहसिन रजा ने 18 अगस्त 2026 को लखनऊ में वंदे मातरम विवाद पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विचारधारा ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम और भगवान श्रीराम दोनों के प्रति विरोध की रही है। रजा के अनुसार, कांग्रेस को इस मुद्दे पर देश से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए।

1936 का कांग्रेस कार्यसमिति प्रस्ताव: विवाद की जड़

मोहसिन रजा ने 1936 में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का संदर्भ देते हुए कहा कि उस बैठक में यह तय किया गया था कि वंदे मातरम के केवल दो अंतर ही गाए जाएँगे। उनके अनुसार, शेष अंतरों में देवी-देवताओं के उल्लेख को लेकर यह निर्णय लिया गया था। रजा ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति विरोध की मानसिकता बताया और कहा कि यह किसी समुदाय की भावनाओं की रक्षा नहीं, बल्कि राष्ट्रगीत को सीमित करने का प्रयास था।

राम मंदिर विवाद का संदर्भ

रजा ने राम मंदिर से जुड़े पुराने न्यायिक विवाद का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि कांग्रेस के नेताओं ने न्यायालय में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम और भगवान राम — दोनों मामलों में कांग्रेस का रवैया एक जैसा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रगीत को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

वंदे मातरम: स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत

भाजपा नेता ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी गहरी भावना है। उनका कहना था कि कांग्रेस ने अतीत में इस राष्ट्रगीत को लेकर जो निर्णय लिए और आज जिस प्रकार इस मुद्दे पर उसका रुख सामने आ रहा है, दोनों को देश के सामने रखने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि वंदे मातरम को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत रहा है।

भाजपा के संगठनात्मक बदलाव पर प्रतिक्रिया

इसी अवसर पर मोहसिन रजा ने भाजपा के नए उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और जगदीश पटेल का स्वागत किया। उन्होंने दोनों नेताओं को अनुभवी और संगठनात्मक दृष्टि से सक्षम बताया। रजा के अनुसार, तावड़े का छात्र राजनीति और केंद्रीय नेतृत्व के साथ काम करने का लंबा अनुभव है, और बिहार चुनाव में पार्टी की सफलता में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में भी तावड़े के अनुभव से भाजपा को लाभ मिलेगा और आगामी चुनावों में पार्टी लगातार तीसरी बार बड़ी जीत दर्ज करेगी।

कांग्रेस से स्पष्टीकरण की माँग

मोहसिन रजा ने अंत में दोहराया कि कांग्रेस को राष्ट्र और भगवान राम के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उनका कहना था कि भाजपा राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मुद्दों पर अपनी स्थिति हमेशा से स्पष्ट रखती आई है। वंदे मातरम विवाद पर देश की जनता की नज़र बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि वंदे मातरम को भारत का राष्ट्रगीत संविधान सभा ने 1950 में आधिकारिक दर्जा दिया था और उस समय भी इसी दो-अंतर की परंपरा को स्वीकृति मिली थी। इस विवाद की असली परीक्षा यह है कि क्या यह बहस संवैधानिक तथ्यों पर टिकी है या केवल चुनावी ध्रुवीकरण का साधन बन रही है — खासकर उत्तर प्रदेश में नए प्रभारी की नियुक्ति के ठीक बाद।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम विवाद पर मोहसिन रजा ने क्या कहा?
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी विचारधारा ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम और भगवान राम के प्रति विरोध की रही है। उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर देश से माफी माँगने की माँग की।
1936 की कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में वंदे मातरम पर क्या निर्णय हुआ था?
मोहसिन रजा के अनुसार, 1936 की कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में यह तय किया गया था कि वंदे मातरम के केवल दो अंतर ही गाए जाएँगे, क्योंकि शेष अंतरों में देवी-देवताओं का उल्लेख था। रजा ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति विरोध की मानसिकता बताया।
भाजपा के नए उत्तर प्रदेश प्रभारी कौन बने हैं?
विनोद तावड़े को भाजपा का नया उत्तर प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है और जगदीश पटेल भी नई जिम्मेदारी में शामिल हैं। मोहसिन रजा ने दोनों नेताओं को अनुभवी और संगठनात्मक रूप से सक्षम बताया।
वंदे मातरम का स्वतंत्रता आंदोलन से क्या संबंध है?
वंदे मातरम को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख प्रेरणागीत रहा है। मोहसिन रजा ने इसे केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय भावना बताया।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के अगले चुनाव पर रजा ने क्या कहा?
मोहसिन रजा ने दावा किया कि विनोद तावड़े के अनुभव से भाजपा को उत्तर प्रदेश में लाभ मिलेगा और पार्टी आगामी चुनावों में लगातार तीसरी बार बड़ी जीत हासिल करेगी। उन्होंने बिहार चुनाव में तावड़े की भूमिका को सफलता का उदाहरण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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