'वंदे मातरम' विधेयक ऐतिहासिक — राकेश त्रिपाठी बोले, अपमान करने वालों को मिलेगी कड़ी सजा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 30 जुलाई को लखनऊ में कहा कि 'वंदे मातरम' से संबंधित विधेयक एक ऐतिहासिक कदम है, जो राष्ट्रगीत की गरिमा की रक्षा करेगा और उसका अपमान करने वालों को कड़ा संदेश देगा। उन्होंने हॉकी टीम की केसरिया जर्सी, कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक और अन्य समसामयिक विषयों पर भी अपनी राय रखी।
वंदे मातरम विधेयक पर BJP का रुख
त्रिपाठी ने कहा कि 'वंदे मातरम' दुनिया के सर्वाधिक गाए जाने वाले गीतों में से एक है और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों ने इसी गीत को गाते हुए फांसी के फंदे को चूमा था। उनके अनुसार, आज़ादी के बाद कुछ लोगों द्वारा इस गीत को धर्म से जोड़कर अपमानित करने की प्रवृत्ति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'ऐसी परिस्थितियों में कठोर कानून की आवश्यकता थी ताकि राष्ट्रगीत का सम्मान बना रहे।'
हॉकी जर्सी विवाद और विपक्ष पर पलटवार
भारतीय हॉकी टीम द्वारा आगामी विश्व कप में पारंपरिक नीली जर्सी के स्थान पर केसरिया जर्सी पहनने के फैसले पर उठे विवाद पर BJP प्रवक्ता ने विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रंगों को लेकर विरोध करना घटिया मानसिकता का परिचायक है और भगवा रंग त्याग, बलिदान तथा शौर्य का प्रतीक है।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी द्वारा केसरिया जर्सी को BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जोड़ने पर त्रिपाठी ने कहा कि खेलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि टीम की जर्सी का रंग प्रबंधन और संबंधित खेल संस्था तय करती है, अतः इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
CCS बैठक और राष्ट्रीय सुरक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद परिसर में वरिष्ठ मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक पर त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार की बैठकें सरकार की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) और क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का हर समय सतर्क और तैयार रहना आवश्यक है।
अन्य प्रमुख मुद्दों पर BJP प्रवक्ता की राय
NEET-UG मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा OMR छेड़छाड़ संबंधी याचिका खारिज करने और याचिकाकर्ता पर ₹5,000 का जुर्माना लगाने पर त्रिपाठी ने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए सबक है जो बिना ठोस आधार के न्यायालयों में जाकर भर्ती प्रक्रियाओं को बाधित करने का प्रयास करते हैं।
छात्र आंदोलन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने फेस रिकॉग्निशन तकनीक के जरिए 2,000 से अधिक असामाजिक तत्वों की पहचान की है। उन्होंने गोली चलाने की बातों को अफवाह बताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल का प्रयोग किया गया।
E20 पेट्रोल के विरोध पर त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ मिलकर E20 के खिलाफ भ्रामक नैरेटिव गढ़ रही हैं। उनके अनुसार, अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया जो यह साबित करे कि E20 से वाहनों के इंजन प्रभावित हो रहे हैं।
मिड-डे मील और खान-पान विवाद
तमिलनाडु सरकार द्वारा मिड-डे मील में सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी परोसने के प्रस्ताव पर BJP प्रवक्ता ने कहा कि खान-पान को लेकर किसी पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, लेकिन शाकाहार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि यह भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़ा है। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा ISKCON के विरोध के बावजूद मिड-डे मील में अंडे जारी रखने के फैसले पर उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता देते हुए अभिभावकों और संबंधित समितियों से विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाना चाहिए।
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गैर-मौजूदगी पर उठाए गए सवालों पर त्रिपाठी ने कहा कि खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता से अधिक जिम्मेदार और तथ्यात्मक बयान की अपेक्षा की जाती है। BJP प्रवक्ता के अनुसार, उन्होंने सदन में तथ्यों की बजाय राजनीतिक बयानबाजी की।