29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वंदे मातरम अपमान बर्दाश्त नहीं, राहुल गांधी भूले संसदीय मर्यादा: यूपी भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वंदे मातरम अपमान बर्दाश्त नहीं, राहुल गांधी भूले संसदीय मर्यादा: यूपी भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी

सारांश

यूपी भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा — राहुल गांधी की संसदीय भाषा से लेकर कांवड़ यात्रा पर एआईएमआईएम के बयानों तक। वंदे मातरम कानून और एंटी-पेपर लीक बिल को उन्होंने राष्ट्रहित और छात्र-हित में जरूरी कदम बताया।

मुख्य बातें

यूपी भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 29 जुलाई को लखनऊ में कई राजनीतिक मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
'वंदे मातरम' के अपमान को रोकने के लिए संसद द्वारा बनाए गए कठोर कानून को त्रिपाठी ने उचित और जरूरी बताया।
एंटी-पेपर लीक बिल को उन्होंने छात्रों की माँग का जवाब और प्रतिभा की रक्षा का कदम करार दिया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद में भाषा और भाव-भंगिमा को संसदीय परंपराओं के विरुद्ध बताया।
नीट आंदोलन में निर्दोष छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने के पक्ष में, सर्वोच्च न्यायालय के रुख का समर्थन किया।
एआईएमआईएम पर आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा विवाद उठाकर वे समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

यूपी भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 29 जुलाई को लखनऊ में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपना पक्ष रखा — जिनमें 'वंदे मातरम' से जुड़ा नया कानून, एंटी-पेपर लीक बिल, लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण पर विवाद और कांवड़ यात्रा को लेकर एआईएमआईएम के बयान शामिल रहे। त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रहित, छात्रों के भविष्य और कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं करेगी।

वंदे मातरम कानून पर भाजपा का रुख

राकेश त्रिपाठी ने कहा कि 'वंदे मातरम' महज एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणाशक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'इसी गीत को गाते हुए अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया था।' उनके अनुसार, देश में कुछ ऐसे तत्व हैं जो राष्ट्रगीत को धार्मिक नजरिए से जोड़कर उसका अपमान करने की कोशिश करते हैं। इसी पृष्ठभूमि में संसद ने कठोर कानून बनाया है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति राष्ट्रगीत के अपमान का दुस्साहस न कर सके।

एंटी-पेपर लीक बिल: छात्रों के हित में कड़ा कदम

भाजपा प्रवक्ता ने एंटी-पेपर लीक बिल को छात्रों की दीर्घकालिक माँग का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि पहले से मौजूद कानूनों को और सख्त बनाकर केंद्र सरकार ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा, योग्यता और मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं होगा। पेपर लीक जैसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राहुल गांधी पर निशाना: संसदीय गरिमा का सवाल

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर त्रिपाठी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का पद एक संवैधानिक और जिम्मेदार पद है, लेकिन राहुल गांधी के भाषण में गंभीरता और तथ्यात्मकता का अभाव स्पष्ट दिखता है। त्रिपाठी के अनुसार, राहुल गांधी बार-बार ऐसी भाषा और भाव-भंगिमा का प्रयोग करते हैं जो संसदीय परंपराओं के अनुकूल नहीं है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा राहुल गांधी का समर्थन किए जाने पर भी त्रिपाठी ने सवाल उठाए।

नीट आंदोलन और छात्रों पर दर्ज मामले

नीट आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआर के मसले पर त्रिपाठी ने कहा कि निर्दोष छात्रों पर किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसा फैलाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया था, जिनकी पहचान दिल्ली पुलिस की जाँच में हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाठीचार्ज या आंसू गैस जैसे निर्णय किसी मंत्री के आदेश पर नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन और मजिस्ट्रेट की अनुमति से लिए जाते हैं। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट किया है कि निर्दोष छात्रों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए — और त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार इसी पक्ष में है।

कांवड़ यात्रा विवाद: एआईएमआईएम पर पलटवार

कांवड़ यात्रा को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेताओं के बयानों पर त्रिपाठी ने कहा कि सावन माह में होने वाली यह यात्रा भारतीय सनातन परंपरा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। उन्होंने तर्क दिया कि जिस प्रकार ताजिया जुलूसों और उर्स जैसे अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और मार्ग निर्धारित किए जाते हैं, उसी प्रकार कांवड़ यात्रा के लिए भी व्यवस्था की जाती है। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम और कुछ विपक्षी दल जानबूझकर ऐसे बयान देकर समाज में भ्रम और तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सभी पक्षों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दबाव में नीतिगत बदलाव का संकेत देता है। राहुल गांधी की संसदीय भाषा पर हमला नया नहीं है, लेकिन यह आरोप तब और पैना लगता है जब विपक्ष के नेता का पद संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ा जाए। एआईएमआईएम पर 'तनाव फैलाने' का आरोप लगाते हुए त्रिपाठी ने कांवड़ यात्रा को धार्मिक समानता के तर्क से जोड़ा — यह फ्रेमिंग मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखी रह जाती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश त्रिपाठी ने वंदे मातरम कानून पर क्या कहा?
यूपी भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि 'वंदे मातरम' स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणाशक्ति का प्रतीक है और इसके अपमान को रोकने के लिए संसद द्वारा बनाया गया कठोर कानून पूरी तरह उचित है। उनके अनुसार, कुछ तत्व राष्ट्रगीत को धार्मिक नजरिए से जोड़कर अपमान करने की कोशिश करते हैं।
राहुल गांधी की संसदीय भाषा पर भाजपा की क्या आपत्ति है?
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी एक संवैधानिक पद पर हैं, लेकिन उनके भाषण में गंभीरता और तथ्यात्मकता का अभाव है। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी की भाषा और भाव-भंगिमा बार-बार संसदीय परंपराओं के अनुकूल नहीं रही है।
नीट आंदोलन में छात्रों पर दर्ज मामलों पर सरकार का क्या रुख है?
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि जिन निर्दोष छात्रों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है और जिन्होंने किसी गैरकानूनी गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया, उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और केंद्र सरकार दोनों इसी पक्ष में हैं।
कांवड़ यात्रा को लेकर एआईएमआईएम पर क्या आरोप लगाए गए?
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम और कुछ विपक्षी दल जानबूझकर कांवड़ यात्रा पर सवाल उठाकर समाज में भ्रम और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए प्रशासनिक व्यवस्था होती है, वैसे ही कांवड़ यात्रा के लिए भी होती है।
एंटी-पेपर लीक बिल से छात्रों को क्या फायदा होगा?
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, यह बिल परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की छात्रों की लंबे समय से चली आ रही माँग का जवाब है। पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी, जिससे मेहनती छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 25 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 6 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले