31 जुलाई 2026
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वंदे मातरम विधेयक और एंटी-पेपर लीक कानून पर भाजपा का समर्थन, ओवैसी पर साधा निशाना

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वंदे मातरम विधेयक और एंटी-पेपर लीक कानून पर भाजपा का समर्थन, ओवैसी पर साधा निशाना

सारांश

संसद से पारित वंदे मातरम विधेयक और एंटी-पेपर लीक कानून पर भाजपा एकजुट है — साध्वी निरंजन ज्योति ने ओवैसी की आपत्तियों को सिरे से खारिज किया, जबकि राकेश त्रिपाठी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

वंदे मातरम विधेयक और एंटी-पेपर लीक कानून संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं।
भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि वंदे मातरम का अपमान करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार के राष्ट्रीय सम्मान के प्रति दृढ़ रुख का बचाव किया।
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि नए कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने का प्रावधान है।
पंजाब , हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए कहा गया कि यह समस्या राष्ट्रव्यापी है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की वंदे मातरम पर टिप्पणी को भाजपा नेताओं ने राष्ट्र-विरोधी बताया।

संसद से पारित वंदे मातरम विधेयक और एंटी-पेपर लीक कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 31 जुलाई को केंद्र सरकार के इन फैसलों का खुलकर समर्थन किया। भाजपा की वरिष्ठ नेता साध्वी निरंजन ज्योति, भाजपा सांसद नरेश बंसल और भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि ये दोनों कानून राष्ट्रीय सम्मान और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए अनिवार्य कदम हैं। नेताओं ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

वंदे मातरम विधेयक पर भाजपा का रुख

साध्वी निरंजन ज्योति ने वंदे मातरम विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून बहुत पहले आ जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'वंदे मातरम कोई साधारण गीत नहीं, बल्कि वह राष्ट्रगीत है जिसे गाते हुए देश के अनगिनत नौजवानों ने हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूम लिया था।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से इस विधेयक को पारित कर मां भारती का सम्मान बढ़ाया गया।

ओवैसी की टिप्पणी पर पलटवार

ओवैसी की आपत्तियों पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भारत माता सभी देशवासियों की माँ हैं और उनका सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वंदे मातरम से परेशानी क्यों है? उनके अनुसार, हर व्यक्ति की उपासना पद्धति अलग हो सकती है — कोई नमाज पढ़ता है, कोई चर्च जाता है, कोई मंदिर जाता है — लेकिन भारत माता का अपमान किसी भी स्थिति में उचित नहीं। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने भी कहा कि मोदी सरकार राष्ट्र के मान-सम्मान से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगी और पूर्व की कांग्रेस सरकारें तुष्टिकरण के चलते ऐसे कदम उठाने से पीछे हट जाती थीं।

एंटी-पेपर लीक कानून: छात्रों के भविष्य की रक्षा

एंटी-पेपर लीक कानून पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संसद के दोनों सदनों से कठोर कानून पारित कराया। उन्होंने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में सामने आए पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल किसी एक सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से अपील की कि सभी दल मिलकर इस कानून का समर्थन करें।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा का प्रावधान

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने एंटी-पेपर लीक कानून को प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूरा करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि नए कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामलों का शीघ्र निपटारा और दोषियों को जल्द सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। त्रिपाठी के अनुसार, यह कानून केवल अपराधियों पर कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए बनाया गया है।

आगे क्या होगा

दोनों कानूनों के लागू होने के बाद अब पेपर लीक कराने वाले संगठित गिरोहों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साध्वी निरंजन ज्योति ने स्पष्ट किया कि शिक्षा और विद्यार्थियों का भविष्य किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं होना चाहिए — विद्यार्थी किसी पार्टी का नहीं, केवल विद्यार्थी होता है। इन कानूनों के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कानून केवल प्रतीकात्मक राजनीति है या इसके क्रियान्वयन का ठोस ढाँचा भी तैयार है। एंटी-पेपर लीक कानून के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान स्वागतयोग्य है, परंतु पंजाब, हिमाचल और राजस्थान जैसे राज्यों में पिछले मामलों में दोषसिद्धि की दर अत्यंत कम रही है। जब तक जाँच एजेंसियों की क्षमता और राज्य-केंद्र समन्वय नहीं सुधरता, तब तक कठोर कानून भी संगठित गिरोहों को रोकने में सीमित रह सकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम विधेयक क्या है और इसमें क्या प्रावधान हैं?
वंदे मातरम विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित एक कानून है जो राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाता है। भाजपा नेताओं के अनुसार, इस कानून के तहत वंदे मातरम का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एंटी-पेपर लीक कानून में क्या खास है?
इस कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पेपर लीक मामलों का शीघ्र निपटारा और दोषियों को जल्द सजा दिलाने का प्रावधान है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी के अनुसार, यह कानून करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से बनाया गया है।
ओवैसी ने वंदे मातरम विधेयक पर क्या कहा और भाजपा ने क्या जवाब दिया?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वंदे मातरम विधेयक पर आपत्ति जताई थी। साध्वी निरंजन ज्योति ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत माता सभी देशवासियों की माँ हैं और उनका सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है — उपासना पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन राष्ट्र का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।
पेपर लीक की समस्या किन राज्यों में सामने आई है?
साध्वी निरंजन ज्योति ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में पेपर लीक के मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक के कारण अब ऐसे मामले तेजी से सामने आते हैं और यह केवल किसी एक सरकार की नहीं, पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
क्या विपक्ष ने इन कानूनों का समर्थन किया है?
भाजपा नेताओं ने विपक्ष से अपील की है कि सभी दल मिलकर एंटी-पेपर लीक कानून का समर्थन करें। हालाँकि, वंदे मातरम विधेयक पर AIMIM प्रमुख ओवैसी की आपत्तियाँ सामने आई हैं, जिन पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राष्ट्र प्रेस
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