27 जुलाई 2026
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वंदे मातरम को सांप्रदायिक रंग देने वाले कभी सफल नहीं होंगे: भाजपा नेता नकवी, पेपर लीक पर सख्त कानून का स्वागत

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वंदे मातरम को सांप्रदायिक रंग देने वाले कभी सफल नहीं होंगे: भाजपा नेता नकवी, पेपर लीक पर सख्त कानून का स्वागत

सारांश

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने वंदे मातरम को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों को सिरे से खारिज किया। साथ ही भाजपा नेताओं ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में बनी एनटीए टास्क फोर्स और प्रस्तावित एंटी-पेपर लीक कानून — जिसमें 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान है — का स्वागत किया।

मुख्य बातें

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वंदे मातरम भारत की आत्मा है और इसे सांप्रदायिक रंग देने वाले सफल नहीं होंगे।
नकवी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक बताया, लेकिन देश में अस्थिरता फैलाने वाली ताकतों से सतर्क रहने की चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में बनी एनटीए सुधार टास्क फोर्स का स्वागत किया।
बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित कानून में पेपर लीक पर 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान है।
राजभर ने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट होने पर भी उत्तर प्रदेश में भाजपा को नहीं हरा पाएगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 27 जुलाई को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वंदे मातरम भारत की आत्मा है और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वाले कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने यह बात एंटी-पेपर लीक विधेयक और एनटीए सुधार टास्क फोर्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही। इसी मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर और बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।

वंदे मातरम पर नकवी का कड़ा रुख

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'मेरा मानना है कि वंदे मातरम को लेकर जो राजनीतिक असहिष्णुता और सांप्रदायिक छुआछूत का माहौल है, उसे खत्म किया जाना चाहिए। वंदे मातरम भारत की आत्मा है। यह भारत के सम्मान, गौरव और शान से जुड़ा है और जो लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, वे सफल नहीं होंगे।' नकवी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समस्याओं को सुलझाने के लिए बहुत समझदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग लगातार राजनीतिक रुकावटें पैदा करने में लगे हुए हैं।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्थिरता पर चेतावनी

नकवी ने जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक प्रदर्शन को सम्मान के काबिल बताया। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक संकट के इस दौर में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि कोई ऐसी ताकत न उभरे जो देश में अस्थिरता का माहौल बनाए। उन्होंने कहा कि भारत को संकट का सामना कर रहे देशों की श्रेणी में धकेलने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जाएगा।

पेपर लीक टास्क फोर्स पर मंत्री राजभर की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा पर उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने कहा, 'यह एक बहुत अच्छी कमेटी है। नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनाई गई टास्क फोर्स में अपने-अपने क्षेत्रों के एक्सपर्ट शामिल हैं। एक बार जब प्रस्तावित कानून बन जाएगा और टास्क फोर्स पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगी, तो देश में पेपर लीक जैसी घटनाएं सुनने को नहीं मिलेंगी।' यह ऐसे समय में आया है जब एनटीए पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन उग्र हो चुका है।

विपक्षी गठबंधन पर राजभर का पलटवार

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को गठबंधन के प्रस्ताव पर मंत्री राजभर ने कहा, 'अगर पूरा विपक्ष भी एक साथ आ जाए, तो भी वह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को नहीं हरा पाएगा। हम निर्णायक बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे।' गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की कोशिशें तेज हुई हैं।

पेपर लीक पर सख्त दंड का प्रावधान: पूर्व मंत्री शर्मा

बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पेपर लीक की घटनाओं से बेहद दुखी थे, खासकर इस कारण से कि कुछ छात्रों की जान चली गई। उन्होंने कहा, 'देश के अभिभावक के तौर पर उन्होंने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया। जो कमेटी और टास्क फोर्स बनाई गई है, उसमें ऐसे एक्सपर्ट शामिल हैं जो यह सुनिश्चित करने के तरीके खोजेंगे कि भारत में कहीं भी किसी भी कीमत पर पेपर लीक दोबारा न हो।' प्रस्तावित कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। शर्मा ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया जो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि एकांगी। लेकिन असली परीक्षा एंटी-पेपर लीक कानून की होगी: 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माना कागज पर कठोर दिखता है, पर क्रियान्वयन तंत्र और स्वतंत्र निगरानी के बिना यह पिछले परीक्षा-सुधार वादों जैसा हश्र भुगत सकता है। नंदन नीलेकणि जैसे तकनीकी विशेषज्ञ की अगुआई में टास्क फोर्स का गठन सकारात्मक संकेत है, लेकिन सवाल यह है कि टास्क फोर्स की सिफारिशें बाध्यकारी होंगी या सलाहकारी — यह स्पष्ट नहीं किया गया है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्तार अब्बास नकवी ने वंदे मातरम पर क्या कहा?
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वंदे मातरम भारत की आत्मा है और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वाले कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने राजनीतिक असहिष्णुता और सांप्रदायिक छुआछूत के माहौल को खत्म करने की अपील की।
एनटीए सुधार टास्क फोर्स क्या है और इसकी अध्यक्षता कौन करेगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं जो पेपर लीक रोकने के उपाय सुझाएंगे।
एंटी-पेपर लीक कानून में क्या सजा का प्रावधान है?
प्रस्तावित एंटी-पेपर लीक कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया।
ओवैसी-अखिलेश गठबंधन प्रस्ताव पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया है?
उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अगर पूरा विपक्ष भी एकजुट हो जाए तो भी वह उत्तर प्रदेश में भाजपा को नहीं हरा पाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा निर्णायक बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन पर भाजपा का क्या रुख है?
नकवी ने जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक प्रदर्शन को सम्मान के काबिल बताया। हालांकि उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक संकट के दौर में किसी ऐसी ताकत को उभरने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए जो देश में अस्थिरता फैलाए।
राष्ट्र प्रेस
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