23 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट का स्वागत, BJP विधायक संजय उपाध्याय बोले — राहुल गांधी हताश

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नीट पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट का स्वागत, BJP विधायक संजय उपाध्याय बोले — राहुल गांधी हताश

सारांश

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने मुंबई में नीट पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा को विद्यार्थियों के हित में बड़ा कदम बताया। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार से विपक्ष हताश है और अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है।

मुख्य बातें

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने 23 जुलाई को मुंबई में नीट पेपर लीक, शिवसेना विलय विवाद और राहुल गांधी के प्रदर्शन पर बयान दिया।
उन्होंने PM मोदी की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेपर लीक मामलों की सुनवाई कराने की घोषणा का स्वागत किया।
नीट लीक के बाद सरकार ने तत्काल एसआईटी गठित की और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के विलय पर उन्होंने कहा कि लोकसभा स्पीकर का निर्णय संवैधानिक रूप से सही है।
उपाध्याय ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे चुनावी हार से हताश होकर अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 23 जुलाई को मुंबई में नीट पेपर लीक मामले, शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के शिवसेना में विलय-विवाद और प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा का स्वागत किया जिसमें पेपर लीक से जुड़े मामलों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनाए जाने की बात कही गई है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा और सरकार का रुख

उपाध्याय ने कहा कि नीट पेपर लीक सामने आते ही केंद्र सरकार ने तत्काल एसआईटी का गठन किया, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू की गई। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है कि पेपर लीक के मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी, जिससे दोषियों को शीघ्र दंड मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटनाएँ कोई नई समस्या नहीं हैं — वर्षों से इस प्रकार के भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। उनका तर्क था कि जब अदालत से कड़ी सजा मिलेगी, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने इस निर्णय को विद्यार्थियों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

शिवसेना विलय विवाद पर उपाध्याय का रुख

शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के शिवसेना में विलय से जुड़े मामले पर उपाध्याय ने कहा कि संसद सर्वोच्च संस्था है और उसकी आंतरिक कार्यवाही पर निर्णय का अधिकार संविधान के अनुसार लोकसभा स्पीकर को है। उन्होंने कहा, 'यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद अलग होते हैं, तो उस पर फैसला लेने का अधिकार स्पीकर के पास है और उन्होंने वही किया है।'

उपाध्याय ने उद्धव ठाकरे को आत्मचिंतन की सलाह देते हुए कहा कि हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूरी बनाने के कारण उद्धव ठाकरे ने अपने साथियों और महाराष्ट्र की जनता का विश्वास खो दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी रूप से भी ठाकरे को किसी बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं दिखती।

राहुल गांधी पर सीधा हमला

प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन और राहुल गांधी के राजनीतिक रुख पर उपाध्याय ने कहा कि 2014 में एक साधारण परिवार से आए और चाय बेचने वाले व्यक्ति नरेंद्र मोदी को देश ने प्रधानमंत्री बनाया, और तब से उन्होंने गरीब कल्याण व जनहित के अनेक कार्यों के ज़रिए जनता का विश्वास जीता है।

उनके अनुसार, लगातार चुनावी हार से विपक्ष — विशेषकर राहुल गांधी — निराश और हताश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हर चुनाव से पहले षड्यंत्र, भ्रष्टाचार के आरोप और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। उपाध्याय ने कहा कि विपक्ष युवाओं और किसानों के माध्यम से देश में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं की मज़बूती पर ज़ोर

BJP विधायक ने दावा किया कि भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था, सेना, पुलिस और लोकतांत्रिक संस्थाएँ मज़बूत हैं और किसी भी अस्थिरता की कोशिश को सफल नहीं होने देंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनता का विश्वास कायम है और राहुल गांधी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएँ केवल सपने बनकर रह जाएंगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्ष संसद और सड़क — दोनों मोर्चों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ परीक्षा संचालन तंत्र में संरचनात्मक सुधार की माँग भी उतनी ही ज़रूरी है जितनी दोषियों को सज़ा दिलाना। शिवसेना विलय विवाद पर स्पीकर के अधिकार का बचाव करते हुए उपाध्याय ने वह नहीं कहा जो सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है — कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत इस मामले की जटिलताएँ अभी पूरी तरह सुलझी नहीं हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट का क्या मतलब है?
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों की तुलना में तेज़ गति से होती है, जिससे दोषियों को शीघ्र सज़ा मिलने की संभावना बढ़ती है। BJP विधायक संजय उपाध्याय के अनुसार, PM मोदी ने घोषणा की है कि नीट पेपर लीक से जुड़े मामले इसी प्रक्रिया के तहत निपटाए जाएंगे।
नीट पेपर लीक के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए?
उपाध्याय के अनुसार, लीक सामने आते ही केंद्र सरकार ने तत्काल एसआईटी गठित की, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू की गई। इसके बाद फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की घोषणा को सरकार अगले कदम के रूप में पेश कर रही है।
शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के विलय पर BJP का क्या रुख है?
BJP विधायक उपाध्याय ने कहा कि यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद अलग होते हैं तो उस पर निर्णय का अधिकार संविधान के अनुसार लोकसभा स्पीकर को है और स्पीकर ने वही किया है। उन्होंने उद्धव ठाकरे को हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूरी को अपने साथियों के जाने का कारण बताया।
BJP ने राहुल गांधी के PM आवास के बाहर प्रदर्शन पर क्या कहा?
उपाध्याय ने कहा कि लगातार चुनावी हार से राहुल गांधी और विपक्ष हताश हैं। उनका आरोप है कि राहुल गांधी हर चुनाव से पहले अस्थिरता और भ्रष्टाचार के आरोपों का माहौल बनाते हैं, लेकिन देश की लोकतांत्रिक संस्थाएँ और सुरक्षा व्यवस्था इसे विफल कर देंगी।
क्या नीट पेपर लीक जैसी घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
उपाध्याय ने स्वयं स्वीकार किया कि पेपर लीक की घटनाएँ कोई नई समस्या नहीं हैं और वर्षों से इस प्रकार के भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। उनका तर्क है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट से कड़ी सज़ा मिलने पर भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
राष्ट्र प्रेस
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