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नीट पेपर लीक: फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले का स्वागत, भाजपा विधायक संजय उपाध्याय बोले — राहुल गांधी हताश

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नीट पेपर लीक: फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले का स्वागत, भाजपा विधायक संजय उपाध्याय बोले — राहुल गांधी हताश

सारांश

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने नीट पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा को विद्यार्थियों के लिए बड़ा फैसला बताया, शिवसेना (यूबीटी) विलय विवाद में लोकसभा स्पीकर के अधिकार का समर्थन किया और राहुल गांधी पर चुनावी हार से हताश होने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने 23 जुलाई को मुंबई में नीट पेपर लीक, शिवसेना विलय विवाद और विपक्षी प्रदर्शन पर बयान दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की घोषणा की, जिसका उपाध्याय ने स्वागत किया।
नीट लीक के बाद केंद्र सरकार ने SIT गठित की और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शिवसेना (यूबीटी) बागी सांसदों के विलय पर उपाध्याय ने लोकसभा स्पीकर के संवैधानिक अधिकार का समर्थन किया।
उपाध्याय ने राहुल गांधी को लगातार चुनावी हार से हताश बताया और विपक्ष पर अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 23 जुलाई को मुंबई में नीट पेपर लीक मामले, शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के विलय विवाद और प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की घोषणा को विद्यार्थियों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया।

नीट पेपर लीक और सरकार की कार्रवाई

संजय उपाध्याय ने कहा कि नीट पेपर लीक सामने आने के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके विरुद्ध कार्यवाही आरंभ की गई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों का निपटारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगा, जिससे दोषियों को शीघ्र सजा सुनिश्चित होगी।

उपाध्याय ने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटनाएँ नई नहीं हैं और वर्षों से ऐसे भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। उनके अनुसार, जब अदालत कड़ी सजा देगी तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और कहा कि विद्यार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

शिवसेना (यूबीटी) विलय विवाद पर रुख

शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के शिवसेना में विलय से जुड़े विवाद पर उपाध्याय ने कहा कि संसद सर्वोच्च संस्था है और उसके भीतर की कार्यवाही पर निर्णय का अधिकार संविधान के अनुसार लोकसभा स्पीकर को है। उन्होंने कहा कि यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद अलग होते हैं, तो उस पर फैसला लेना स्पीकर का संवैधानिक अधिकार है और स्पीकर ने वही किया।

उपाध्याय ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए कि उनके विधायक, सांसद और मंत्री तक उनका साथ क्यों छोड़ते गए। उनके अनुसार, हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूरी बनाने के कारण उद्धव ठाकरे ने अपने साथियों और महाराष्ट्र की जनता का विश्वास खो दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी रूप से भी उद्धव को किसी बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं दिखती।

राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला

प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी प्रदर्शन को लेकर भाजपा विधायक ने कहा कि 2014 में देश ने एक साधारण परिवार से आए और चाय बेचने वाले व्यक्ति नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया और तब से उन्होंने गरीब कल्याण तथा जनहित के अनेक कार्यों के ज़रिए जनता का विश्वास जीता है।

उपाध्याय ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही चुनावी हार से विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी, निराश और हताश हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर चुनाव से पहले षड्यंत्र, भ्रष्टाचार के आरोप और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। उपाध्याय ने यह भी दावा किया कि विपक्ष युवाओं और किसानों के माध्यम से देश में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

लोकतांत्रिक संस्थाएँ मज़बूत: उपाध्याय

भाजपा विधायक ने कहा कि भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था, सेना, पुलिस और लोकतांत्रिक संस्थाएँ मज़बूत हैं और किसी भी अस्थिरता की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनता का विश्वास आज भी कायम है और राहुल गांधी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएँ केवल सपने बनकर रह जाएँगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के रूप में देखता है — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है। राहुल गांधी को 'हताश' बताना भाजपा का परिचित आख्यान है, किंतु विपक्ष की बढ़ती सीटों के संदर्भ में यह दावा तथ्यात्मक जाँच माँगता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी, जिससे दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने इसे विद्यार्थियों के हित में बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला बताया।
नीट लीक के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए?
नीट पेपर लीक सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत SIT (विशेष जाँच दल) का गठन किया, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू की गई। अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की घोषणा अगला कदम है।
शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के विलय विवाद में भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि संविधान के अनुसार संसद के भीतर की कार्यवाही पर निर्णय लेने का अधिकार लोकसभा स्पीकर को है और दो-तिहाई सांसदों के अलग होने पर स्पीकर का फैसला संवैधानिक रूप से सही है। उन्होंने उद्धव ठाकरे को हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूरी बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन पर क्या कहा?
भाजपा विधायक उपाध्याय ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से हताश राहुल गांधी हर चुनाव से पहले षड्यंत्र और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएँ और सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत हैं और ऐसी किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
क्या नीट पेपर लीक जैसी घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने स्वयं स्वीकार किया कि पेपर लीक की घटनाएँ नई नहीं हैं और वर्षों से ऐसे भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। उनके अनुसार, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कड़ी सजा से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
राष्ट्र प्रेस
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